होली पर शायरी (Shayari On Holi In Hindi)

होली पर शायरी (Shayari On Holi In Hindi)- होली बहार के मौसम में मनाया जाने वाला त्योहार है। जिस तरह लोगों को होली पर रंग उड़ाना, होली के गाने सुनना, नाचना, गाना, मिठाई खाना, घूमना आदि पसंद होता है, उसी तरह से होली पर लोग होली शायरी (Holi Shayari) पढ़ना, सुनना और सुनाना भी खूब पसंद करते हैं। इसलिए होली के मौके पर हम आपके लिए Holi Shayari Hindi लेकर आए हैं। आप parikshapoint.com के इस पेज से होली पर शायरी हिंदी में (Holi Par Shayari In Hindi) पढ़ सकते हैं। इस पेज पर दी गईं होली की शायरी (Holi Ki Shayari) हिंदी और उर्दू के मशहूर शायरों द्वारा लिखी गई हैं, जिनका नाम उनकी शायरी के साथ संदर्भित है।

होली पर शायरी (Shayari On Holi In Hindi)

जैसे-जैसे होली का त्योहार नज़दीक आता जाता है, लोगों पर होली का रंग चड़ने लगता है। शायरी पढ़ने के शौकीन गूगल पर Holi Hindi Shayari सर्च करते हैं, पढ़ते हैं और Holi Per Shayari अपने परिवार वालों, रिश्तेदारों और दोस्तों को भी पढ़कर सुनाते हैं। लोग हैप्पी होली शायरी (Happy Holi Shayari) के मैसेज भी एक-दूसरे को अपने मोबाइल से भेजते हैं। अगर आप भी होली शायरी इन हिंदी पढ़ना चाहते हैं, तो आप हमारे इस पेज से होली शायरी हिंदी के साथ-साथ होली दोस्ती शायरी, होली मुबारक शायरी, होली शायरी फोटो, होली शायरी 2 लाइन, राधा कृष्ण होली शायरी, होली बधाई शायरी आदि देख सकते हैं।

होली शायरी
Holi Shayari In Hindi

होली शायरी

सजनी की आँखों में छुप कर जब झाँका

बिन होली खेले ही साजन भीग गया

– मुसव्विर सब्ज़वारी

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तेरे गालों पे जब गुलाल लगा

ये जहाँ मुझ को लाल लाल लगा

– नासिर अमरोहवी

मुँह पर नक़ाब-ए-ज़र्द हर इक ज़ुल्फ़ पर गुलाल

होली की शाम ही तो सहर है बसंत की

– लाला माधव राम जौहर

साक़ी कुछ आज तुझ को ख़बर है बसंत की

हर सू बहार पेश-ए-नज़र है बसंत की

– उफ़ुक़ लखनवी

ग़ैर से खेली है होली यार ने

डाले मुझ पर दीदा-ए-ख़ूँ-बार रंग

– इमाम बख़्श नासिख़

मौसम-ए-होली है दिन आए हैं रंग और राग के

हम से तुम कुछ माँगने आओ बहाने फाग के

– मुसहफ़ी ग़ुलाम हमदानी

अब की होली में रहा बे-कार रंग

और ही लाया फ़िराक़-ए-यार रंग

– इमाम बख़्श नासिख़

होली के अब बहाने छिड़का है रंग किस ने

नाम-ए-ख़ुदा तुझ ऊपर इस आन अजब समाँ है

– शैख़ ज़हूरूद्दीन हातिम

डाल कर ग़ुंचों की मुँदरी शाख़-ए-गुल के कान में

अब के होली में बनाना गुल को जोगन ऐ सबा

– मुसहफ़ी ग़ुलाम हमदानी

किस की होली जश्न-ए-नौ-रोज़ी है आज

सुर्ख़ मय से साक़िया दस्तार रंग

– इमाम बख़्श नासिख़

पूरा करेंगे होली में क्या वादा-ए-विसाल

जिन को अभी बसंत की ऐ दिल ख़बर नहीं

– कल्ब-ए-हुसैन नादिर

बादल आए हैं घिर गुलाल के लाल

कुछ किसी का नहीं किसी को ख़याल

– रंगीन सआदत यार ख़ाँ

बहार आई कि दिन होली के आए

गुलों में रंग खेला जा रहा है

– जलील मानिकपूरी

मुहय्या सब है अब अस्बाब-ए-होली

उठो यारो भरो रंगों से झोली

– शैख़ ज़हूरूद्दीन हातिम

वो तमाशा ओ खेल होली का

सब के तन रख़्त-ए-केसरी है याद

– फ़ाएज़ देहलवी

सहज याद आ गया वो लाल होली-बाज़ जूँ दिल में

गुलाली हो गया तन पर मिरे ख़िर्क़ा जो उजला था

– वली उज़लत

शब जो होली की है मिलने को तिरे मुखड़े से जान

चाँद और तारे लिए फिरते हैं अफ़्शाँ हाथ में

– मुसहफ़ी ग़ुलाम हमदानी

बाद-ए-बहार में सब आतिश जुनून की है

हर साल आवती है गर्मी में फ़स्ल-ए-होली

– वली उज़लत

लब-ए-दरिया पे देख आ कर तमाशा आज होली का

भँवर काले के दफ़ बाजे है मौज ऐ यार पानी में

– शाह नसीर

साभार- रेख़्ता

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होली दोस्ती शायरी

होली दोस्ती शायरी 1

यारों को अपने खूब सताएंगे

उनके साथ होली जमकर मनाएंगे

होली दोस्ती शायरी 2

खूब छाएगा होली का रंग

जब होली मनेगी यारों के संग

होली दोस्ती शायरी 3

जैसे होली के रंग मस्त-मस्त हैं

वैसे ही दोस्तों के हर गम पस्त हैं

होली दोस्ती शायरी 4

गूंज उठता है “होली है” से मुहल्ला

जब शुरू होता है जीगरी यारों का खेला

होली दोस्ती शायरी 5

खूब जमेगा मस्ती का मेला

जब होली मनाने निकलेगा यारों का रेला

होली मुबारक शायरी

होली मुबारक शायरी 1

गुझिया की महक आने से पहले

रंगों में रंगने से पहले 

होली के नशे में डूबने से पहले 

हम आपसे कहते है हैप्पी होली सबसे पहले

होली मुबारक शायरी 2

खा के गुजिया पीके भंग 

लगा के थोड़ा थोड़ा सा रंग 

बजा के ढोलक और मृदंग 

खेलें होली हम तेरे संग

होली शायरी 2 लाइन

रंगो की बौछार नहीं, नज़रो की इनायत ही काफी है,

तुम सामने होते हो, तो चेहरा यूँ ही गुलाल हो जाता है

राधा कृष्ण होली शायरी

राधा कृष्ण होली शायरी 1

मथुरा की खुशबू

गोकल का हार

वृन्दावन की सुगंध

बरसान का प्यार

मुबारक हो आपको होली का त्यौहार

राधा कृष्ण होली शायरी 2

राधा की हृदय में श्री कृष्ण,

राधा की साँसों में श्री कृष्ण,

राधा में ही हैं श्री कृष्ण,

इसीलिए दुनिया कहती हैं

राधे-कृष्ण राधे-कृष्ण

राधा कृष्ण होली शायरी 3

राधा का रंग और

कन्हैया की पिचकारी

प्यार के रंग से

रंग दो ये दुनिया सारी

यह रंग ना जाने

कोई जाति ना कोई भाषा

मुबारक हो आपको रंगों भरी

होली की हार्दिक शुभकामनाएं

राधा कृष्ण होली शायरी 4

आज है होली मेरे गिरिधर

रंग लो मुझे अपने प्यार में

डूब जाऊं कुछ ऐसे तुझ में

कोई देख ना पाए इस संसार में

होली की शुभकामनाएं

जय श्री राधा कृष्णा

होली बधाई शायरी

होली बधाई शायरी 1

हम आपके दिल में रहते हैं, 

इसलिए आपकी ख़बर रखते हैं,

कोई हमसे पहले ना विश कर दे आपको,

इसलिए हम पहले ही “हैप्पी होली” कहते हैं।

होली बधाई शायरी 2

रंगों से भी रंगीन लाइफ है हमारी,

रंगीली रहे ये बंदगी हमारी, 

कभी ना बिगड़े ये प्यार की रंगोली,

ऐ मेरे यार हैपी होली।

होली बधाई शायरी 3

ये रंगो का त्यौहार आया है,

साथ अपने खुशियाँ लाया है,

हमसे पहले कोई रंग न दे आपको,

इसलिए हमने शुभकामनाओं का रंग,

सबसे पहले भिजवाया है।

परीक्षाpoint.com की तरफ से हमारी सभी पाठकों को #होली_की_हार्दिक_शुभकामनाएं_2022 (Happy Holi 2022)।

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2 thoughts on “होली पर शायरी (Shayari On Holi In Hindi)”

  1. ❝ ऐसे मनाना होली का त्योहार,
    पिचकारी से बरसे सिर्फ प्यार,
    ये है मौका अपनों से गले मिलाने का,
    तो गुलाल और रंग लेकर हो जाओ तैयार। ❞
    Wish you a very very Happy HOLI

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