नारा/स्लोगन (Slogan In Hindi) | Nara

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नारा/स्लोगन (Slogan In Hindi)- नारा या नारा लेखन हिंदी भाषा का महत्त्वपूर्ण भाग है, जो आज से नहीं बल्कि आज़ादी के पहले से ही हिंदी भाषा के साथ है। हिंदी हैं हम वतन हैं जैसे नारों ने लोगों के दिलों में न सिर्फ देश-प्रेम की भावना को जागृत किया बल्कि हिंदी भाषा को जन-जन तक पहुंचाने में भी अहम भूमिका निभाई है। आज भी स्कूल, कॉलेज, हॉस्पिटल, सरकारी दफ्तर, प्राइवेट कॉर्पोरेट ऑफिस, शिक्षा संस्थान आदि जगहों पर किसी खास वर्ग के लोगों के लिए किसी खास उद्देश्य के साथ आकर्षक नारों का इस्तेमाल किया जाता है।

नारा/स्लोगन (Slogan In Hindi)

इस पोस्ट में हम आपके लिए हिंदी नारा/हिंदी स्लोगन (Hindi Slogan) व हिंदी नारा लेखन (Hindi Slogan Writing) से जुड़ी ज़रूरी जानकारी लेकर आये हैं, जैसे- नारा या स्लोगन क्या होता है, नारा लेखन क्या होता है, नारे का अर्थ क्या है, नारे का महत्त्व क्या है आदि। इसके अलवा आप इस पोस्ट में नारों के प्रकार, नारे लिखने के उद्देश्य, नारे की विशेषता आदि बातों के बारे में भी जानेंगे। नीचे हमने प्रसिद्ध लोगों द्वारा लिखित लोकप्रिय हिंदी नारे और हिंदी स्लोगन की विषय सूची भी दी हुई है, जिन्हें पढ़कर आप समझ सकेंगे कि एक स्लोगन या नारा किस तरह से लिखा जाता है और हिंदी स्लोगन की भाषा शैली किसी प्रकार की होनी चाहिए।

नारा/स्लोगन क्या है?

जब किसी महत्त्वपूर्ण विषय या कोई बड़ी बात के बारे में कम से कम शब्दों का इस्तेमाल करके आकर्षक वाक्य बनाए जाते हैं, तो उसे नारा कहा जाता है। नारे का अंग्रेजी अनुवाद स्लोगन (Slogan) होता है। हिंदी में उद्घोष, नीति वचन, प्रचार वाक्य, आह्वान वाक्य, सिद्धांत वाक्य को भी नारा कहा जाता है। नारे की भाषा एकल व बुलंद होती है अथवा नारे को हमेशा तेज़ आवाज़ में ही पढ़ा जाता है। आज के समय में हर क्षेत्र में स्लोगन की भूमिका अहम हो चुकी है। हम हर रोज़ समाचार पत्रों और टीवी में नए-नए स्लोगन पढ़ते व देखते हैं। बड़ी-बड़ी विज्ञापन कंपनियां नारे लिखने व लिखावने का व्यवसाय कर लोगों को रोजगार देने का काम कर रही हैं। नारा लेखन क्या होता है, यह जानने के लिए नीचे देखें।

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नारा लेखन क्या होता है?

लिखना एक कला है और नारा लेखन भी लिखने की कला का ही एक अंग है। जब किसी खास पक्ष के महत्त्वपूर्ण विषय के उद्देश्य को अभिव्यक्त करने के लिए एक लय में लिखे जाने वाले प्रेरणादायक, ऊर्जावान, आकर्षक और विशेषता बताने वाले आदर्श विचार नारा लेखन कहलाते हैं। नारा लेखन एक सरल और सहज प्रक्रिया है, जो आम जनता को जोड़ने व आकर्षित करने का काम करती है। हिंदी नारा लेखन में हिंदी भाषा का अच्छा ज्ञान होना ज़रूरी होता है। नारे में लिखी गई किसी भी बात का सबसे ज़्यादा प्रभाव आम जनता पर होता है, इसलिए नारा लिखने से पहले उसके सकारात्मक और नकारात्मक दोनों ही पहलू को ध्यान में रखना बेहद ज़रूरी होता है। सामाजिक, राजनीतिक, धार्मिक, व्यावसायिक आदि ऐसे कई विषय हैं जिनमें नारा लेखन की आवश्यकता समय-समय पर पड़ती रहती है।

नारे का अर्थ क्या है?

नारे का अर्थ उद्घोष, आह्वान, नीति वचन, सिद्धांत वाक्य व प्रसार वाक्य से है, जिसे अंग्रेजी में स्लोगन और संस्कृत में आघोष या समाघोष कहा जाता है। नारा पुल्लिंग और संज्ञा है। नारा शब्दों का वह समूह है जो लोगों को प्रेरित व उत्तेजित करने के लिए दिया जाता है। असल में नारे लिखे नहीं जाते बल्कि शब्दों की शक्ति से जन्म दिए जाते हैं और जिन नारों का किसी खास मकसद को पूरा करने के लिए जन्म होता है, वो नारे फिर कभी मृत्यु को प्राप्त नहीं होते बल्कि अमर हो जाते हैं।

नारे का महत्त्व

प्राचीन काल से ही हमारे देश में नारों का महत्त्व सबसे अधिक रहा है। समय-समय पर हमारे देश के बुद्धिजीवियों ने सामाजिक परिस्थिति के अनुसार नारे गढ़े हैं, जिन्हें आजतक दोहराया जा रहा है। स्वतंत्रता आंदोलन का दौर एक ऐसा दौर था जिसमें हिंदी नारों का सबसे अधिक महत्त्व था। हमारे देश के स्वतंत्रता सेनानियों ने देश को आज़ाद करवाने के लिए एक से बढ़कर एक नारे दिए। देश की आज़ादी के लिए दिए गए ‘तमु मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूंगा’ जैसे नारों ने लोगों में जोश व हिम्मत भरने का काम किया। इस प्रकार के नारों का महत्त्व केवल वो व्यक्ति ही समझ सकता है जिसने गुलाम भारत को आज़ाद होते हुए देखा हो।

नारों के प्रकार

नारा लेखन में कई अलग-अलग प्रकार शामिल हैं, जैसे-

  • सामाजिक
  • धार्मिक
  • राजनीतिक
  • व्यावसायिक
  • प्रेरणात्मक

हिंदी स्लोगन कैसे लिखें?

हिंदी स्लोगन या नारा लिखना व्यक्ति की सोच पर निर्भर करता है। नारा लेखन एक ऐसी कला है जिसमें आपको शब्दों का गुणी होना बहुत आवश्यक है। यदि आपको शब्दों का सही ढंग से इस्तेमाल करना आता है, तो आप प्रभावशाली नारे लिख सकते हैं। स्लोगन लिखने के लिए आपके पास किसी विषय का होना बहुत ज़रूरी है, ताकि आप उस विषय से जुड़ी चीजों के बारे में रिसर्च कर सकें और उसके आधार पर स्लोगन तैयार कर सकें।

नारा लिखने का उद्देश्य

नारा अथवा स्लोगन लिखने के पीछे कई उद्देश्य होते हैं, जिनकी चर्चा नीचे बिंदुओं में की गई है-

  1. समाज के लोगों में जागरूकता फैलाने और उन्हें प्रेरित करने के लिए, जैसे- पोलियो के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए ‘दो बूंद ज़िंदगी की’ नारा काफी लोकप्रिय हुआ।
  2. धार्मिक प्रचार-प्रसार के लिए।
  3. राजनीति जगत में नारों का उद्देश्य सबसे अहम माना जाता है। इसमें सभी नेता अपनी पार्टी का प्रचार करने के लिए नारों को ज़ोर-ज़ोर से बोलते हैं।
  4. व्यवसाय के क्षेत्र में स्लोगन का उद्देश्य लाभ कमाना होता है।
  5. लोगों का ध्यान खींचना, प्रेरणा देना और आदर्श संदश लोगों तक पहुंचाना भी नारे का उद्देश्य होता है।

नारे की विशेषताएं

नारे में कुछ निम्नलिखित बातें होनी चाहिए जो उसे विशेष बना सकें, जैसे-

  1. नारा की भाषा सरल एवं सहज होनी चाहिए।
  2. नारे में शब्दों का चयन सोच-समझ कर करना चाहिए।
  3. नारे में छोटे-छोटे वाक्यों का इस्तेमाल करना चाहिए।
  4. नारा तुकबंदी और लय में हो, जो लोगों को अपनी तरफ आकर्षित करे।
  5. नारे छोटे होने चाहिए, ताकि वह जल्दी याद हो सकें और लोगों की ज़ुबान पर बैठ सकें।
  6. नारे में लिखने वाली रचनात्मकता झलकनी चाहिए।
  7. नारे में लोगों को जागरूक व प्रेरित करने का भाव होना चाहिए।
  8. नारे में किसी भी तरह की अपमानजनक बात न हो।
  9. नारा ऐसा हो जिसे हर वर्ग के लोग पढ़, बोल व समझ सकें।
  10. नारा इतना प्रभावशाली हो कि लोग उसे लंबे समय तक याद रखें।

प्रसिद्ध नारे

जय जवान जय किसान – लाल बहादुर शास्त्री

जय जगत – विनोबा भावे

वंदे मातरम् – बंकिमचंद्र चटर्जी

इंकलाब जिंदाबाद – भगत सिंह

दिल्ली चलो – सुभाषचंद्र बोस

करो या मरो – महात्मा गांधी

जय हिंद – सुभाषचंद्र बोस

हिंदी, हिंदू, हिंदुस्तान – भारतेंदू हरिशचंद्र

तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा – सुभाषचंद्र बोस

हे राम – महात्मा गांधी

नारे के विषय

FAQs

प्रश्न- नारा का अर्थ क्या होता है?

उत्तरः नारे का अर्थ उद्घोष से है, जो लोगों को प्रेरित व जागरूक करने के लिए दिया जाता है।

प्रश्न- नारा कितने प्रकार के होते हैं?

उत्तरः नारे के कई प्रकार होते हैं, जैसे- सामाजिक, राजनीतिक, धार्मिक, व्यावसायिक आदि।

प्रश्न- भारत का प्रसिद्ध नारा क्या है?

उत्तरः जय हिंद, भारत माता की जय, इंकलाब ज़िदाबाद भारत के प्रसिद्ध नारे हैं।

प्रश्न- नारा कैसे बनाया जाता है?

उत्तरः सरल व सहज शब्दों को आदर्श वाक्यों में परिवर्तित करके रचनात्मक रूप से नारा बनाया जाता है।

प्रश्न- गांधीजी का नारा क्या है?

उत्तरः करो या मरो।

हम उम्मीद करते हैं कि आपको नारा (स्लोगन) से जुड़ी जानकारी मिल गई होगी। इस पोस्ट को अंत तक पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद।

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