स्वतंत्रता दिवस पर निबंध (Essay On Independence Day In Hindi): आज़ादी के गर्व का पर्व 15 अगस्त पर निबंध (Essay On 15 August In Hindi) पढ़ें

स्वतंत्रता दिवस पर निबंध (Essay On Independence Day In Hindi)- हर साल हम 15 अगस्त का दिन अंग्रेज़ी हुकूमत से आज़ादी मिलने की खुशी में बड़े ही हर्षोल्लास से साथ मनाते हैं। हमें 15 अगस्त सन् 1947 को आज़ादी तो मिल गई लेकिन हम उस आज़ादी का अब तक किस तरह से इस्तेमाल करते हुए आये हैं, ये सोचने वाली बात है। स्वतंत्र भारत का नागरिक होने के नाते हमारा सबसे पहला कर्तव्य है भारत की स्वतंत्रता की रक्षा करते हुए आगे बढ़ना। आज हम सब आज़ाद है लेकिन उसका ये मतलब बिल्कुल भी नहीं है कि हम आज़ादी के नाम पर जो चाहे वो करें। आज़ादी की भी अपनी कुछ सीमा और मर्यादा होती है, जिसका हमें पालन करना चाहिए।

स्वतंत्रता दिवस पर निबंध (Essay On Independence Day In Hindi)

स्वतंत्रता दिवस (Independence Day) का जश्न मनाने के साथ-साथ अगर हम स्वतंत्रता के सही अर्थ को भी समझ लें, तो हम एक ऐसे राष्ट्र का निर्माण कर सकते हैं, जिससे हमारी आने वाली पीढ़ी हम पर और हमारे देश पर गर्व महसूस करे। अगर आप 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस (15 August Independence Day) के बारे में अधिक जानना चाहते हैं, तो इस पेज पर दिए गए 15 अगस्त पर निबंध हिंदी में (15 August Essay In Hindi) को पूरा पढ़ें। स्वतंत्रता दिवस पर निबंध हिंदी में (Independence Day Essay In Hindi) का प्रयोग आप स्कूल और कॉलेज में होने वाली 15 अगस्त पर निबंध (15 August Par Nibandh) प्रतियोगिता में भी कर सकते हैं।

आपको बता दें कि 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस पर निबंध एकदम सरल और आसान भाषा में लिखा गया है। हमारे इस स्वतंत्रता दिवस पर निबंध (Swatantrata Diwas Par Nibandh) को हर वर्ग के लोग आसानी से पढ़ सकते हैं और समझ सकते हैं। 15 अगस्त निबंध इन हिंदी (15 August Par Nibandh In Hindi) हम सभी को पढ़ना चाहिए ताकि हम स्वतंत्रता दिवस का महत्व समझ सकें। Essay On 15 August In Hindi पढ़ते समय आप 15 अगस्त 1947 का इतिहास (History of 15 August In Hindi) भी जानेंगे। यदि आप ये भी जानना चाहते हैं कि स्वतंत्रता दिवस (Swatantrata Diwas) क्यों मनाया जाता है, कब मनाया जाता है और कैसे मनाया जाता है, तो आपको Swatantrata Diwas Par Nibandh In Hindi को पूरा पढ़ना होगा। इस पेज से आप Independence Day Par Nibandh के साथ-साथ Short Essay On Independence Day In Hindi और Swatantrata Diwas Par 10 Line भी प्राप्त कर सकते हैं। हिंदी में स्वतंत्रता दिवस पर निबंध (Swatantrata Diwas Nibandh In Hindi) नीचे से पढ़ें।

15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस पर निबंध हिंदी में
(15 August Independence Day Essay In Hindi)

प्रस्तावना

स्वतंत्रता दिवस (Independence Day) हमारे देश का एक राष्ट्रीय पर्व (National Festival) है जिसे हम हर साल 15 अगस्त (15 August) के दिन मनाते हैं। 15 अगस्त 1947 (15 August 1947) के दिन ही हमारे देश को आज़ादी मिली थी। 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस (15 August Independence Day) के पर्व को पूरा देश एकजुट होकर बहुत ही जोश और उमंग के साथ मनाता है। इस दिन पूरे देश में अलग-अलग तरह के कार्यक्रमों और समारोह का आयोजन किया जाता है। विद्यालयों, सरकारी कार्यलयों, प्राइवेट दफ्तरों आदि जगहों पर भी आज़ादी के पर्व का जश्न काफी धूम-धाम से साथ मनाया जाता है। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर स्कूलों, कॉलेजों और संस्थानों में स्वतंत्रता दिवस पर लेख और निबंध लेखन प्रतियोगिता का आयोजन भी होता है।

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आज़ादी के गर्व का पर्व

हर साल 15 अगस्त के दिन को आज़ादी के गर्व के पर्व के रूप में मनाया जाता हैं। इस दिन भारत अंग्रेजों की हुकूमत से मुक्त हुआ था। यह आजादी बेहद लम्बे आंदोलन और संघर्ष के बाद मिली। इस दिन भारत के प्रधानमंत्री लाल किले पर भाषण देते हैं। आजादी के आंदोलन में सबसे अहम योगदान महात्मा गाँधी का रहा। चंद्र शेखर आजाद, भगत सिंह, सुभाष चंद्र बोस आदि ने भी आजादी की लड़ाई में अहम योगदान दिया। 15 अगस्त वो दिन है जब भारत आजाद हुआ था। यह दिन एक ऐतिहासिक दिन है। इस दिन हम खुल कर बोलने, लिखने और घूमने के लिए आजाद हो गए थे। 15 अगस्त को इतिहास में सुनहरे अक्षरों में लिखा गया है। भारत को आजादी 200 साल की गुलामी के बाद मिली। इस वजह से आजादी के जश्न को धूम धाम से मनाया जाता है।

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इतिहास के अहम पल

(1) अंग्रेज़ो का हिदुस्तान आना- व्यापार करने के बहाने अंग्रेज़ 17वी शताब्दी में भारत आए। उस समय हिंदुस्तान में मुगलों की हुकूमत थी। अंग्रेजों ने व्यापार के बहाने अपनी सैन्य ताकत को बढ़ाया। कई राजाओं को धोखे से हराने के बाद अनेक क्षेत्रों पर कब्ज़ा कर लिया। 18वी सदी तक ईस्ट इंडिया कंपनी ने अपना वर्चस्व स्थापित कर लिया था।

(2) भारत बना गुलाम- अंग्रेजों ने भारतीयों को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। भारतवासी ब्रितानी ताज के अधीन हो गए थे। दूसरे विश्व युद्ध के लिए थोक भाव में भारतीयों की जबरदस्ती सेना में भर्ती करी गयी। अंग्रेजों ने जलियावाला बाघ जैसे नरसंहार को अंजाम दिया। भारतीय केवल अंग्रेजों के दास मात्र बन के रह गए थे।

(3) कांग्रेस पार्टी बनाई गयी- 28 दिसंबर 1885 को कांग्रेस पार्टी बनाई गयी। 64 लोगों द्वारा राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी की स्थापना की गयी। इस पार्टी ने क्रांतिकारी गतिविधियों को अंजाम दिया।

(4) हिंदुस्तान का बंटवारा- भारत के आजाद होते ही सांप्रदायिक दंगे शुरू हो गए। दंगो का नतीजा था देश का बंटवारा। जवाहरलाल नेहरू भारत के प्रधानमंत्री बने और जिन्ना पाकिस्तान के प्रधानमंत्री बने। महात्मा गांधी की शांति की कोशिशों के बावजूद मरने वालों की तादाद लाखों में थी। आजादी की ख़ुशी के साथ में नरसंहार का मातम भी था।

(5) स्वतंत्रता का जश्न- हर वर्ष स्वतंत्रता दिवस को वीर जवान और दंगों में मारे गए लोगों को याद कर के मनाया जाता हैं। लोगों ने एकजुट होकर आजादी की लड़ाई लड़ी। कुछ प्रमुख देशभक्त लोगों के नाम हैं भगत सिंह, सुखदेव और सुभाष चंद्र बोस। काफी महिलाओं ने भी आजादी की लड़ाई में योगदान दिया। सरोजिनी नायडू और बेसेंट कुछ प्रमुख क्रांतिकारी महिलाओं के नाम हैं।

15 अगस्त के मायने

आजादी के दिन की तैयारी बड़े जोर शोर से की जाती हैं। भारत के माजूदा प्रधानमंत्री लाल किले के प्राचीन से तिरंगा फहराते है। राष्ट्रगान बजाया जाता है, फिर प्रधानमंत्री भाषण देते हैं। देशभक्ति वाले कार्यक्रम प्रस्तुत किये जाते हैं, इनका आनंद लाल किले जाकर या फिर टीवी पर लिया जा सकता है। 15 अगस्त हमारा राष्ट्रीय पर्व है। इस दिन स्कूल, कॉलेज और दफ्तर बंद रहते हैं।

15 अगस्त को सब मिलकर एक जुट हो जाते हैं। कोई देशभक्ति के गीत सुनता है तो कोई देशभक्ति की फिल्म देखता है। लोग अपने वस्त्र और वाहन पे तिरंगा लगते हैं। इस दिन भारत के उन महान नेताओं को श्रद्धांजलि दी जाती है जो देश की आजादी की लड़ाई में शामिल हुए। भारतीय सेना इस दिन परेड करती है। हमें 200 साल की गुलामी के बाद आजादी मिली थी इसलिए जश्न भी धूम धाम से मनाया जाता है।

निष्कर्ष

इस दिन हर भारतवासी वीरों के बलिदान को याद करता है। इस दिन लोग देश के प्रति समर्पित रहने का संकल्प लेते हैं। भारत माता की जय और जय हिन्द जैसे नारे लगते हैं। 15 अगस्त को लोग देश के लिए जीने का संकल्प लेते हैं।

15 अगस्त पर निबंध 100 शब्द में

स्वतंत्रता दिवस पर निबंध 100 शब्द- स्वतंत्रता दिवस हर साल 15 अगस्त को आज़ादी की खुशी में मनाया जाता है। 15 अगस्त 1947 को हमें आज़ादी मिली थी। ये आज़ादी के गर्व का पर्व है। दिल्ली में इस दिन कई लोग पतंग भी उड़ाते हैं। सभी स्कूलों में झंडा फहराया जाता है। स्कूलों में कार्यक्रम भी होते हैं। इस दिन सरकारी दफ्तर में अवकाश रहता हैं। इस दिन आजादी की लड़ाई में शहीद हुए लोगों को याद किया जाता हैं लोग अपने वस्त्र और वाहन पे भारत का झंडा लगाते हैं। इस दिन पुलिस और सेना के जवान देश की सुरक्षा के लिए बेहद चौकन्ने रहते हैं। स्वतंत्रता दिवस का जश्न सभी मिलकर मनाते हैं क्योंकि ये एक राष्ट्र पर्व है।

15 अगस्त पर निबंध 300 शब्द में

स्वतंत्रता दिवस पर निबंध 300 शब्द- 15 अगस्त के दिन भारत स्वतंत्र हुआ। हर साल 15 अगस्त को भारत के आजादी के दिन के रूप में मनाया जाता हैं। आजादी की लड़ाई में कई लोगो ने अपने प्राणों की आहुति दे दी। भगत सिंह और चंद्रशेखर आजाद देश की आजादी की जंग में शहीद हो गए। मोहनदास करमचंद गांधी उर्फ़ महात्मा गांधी ने अहिंसा के माध्यम से स्वतंत्रता की लड़ाई लड़ी। महात्मा गांधी ने अंग्रेजो के बने उत्पादों का बहिष्कार किया। उन्होंने नमक पर लगे कर के खिलाफ आंदोलन किया।

कांग्रेस के लोगों ने आजादी की जंग में हिस्सा लिया। सुभाष चंद्र बोस ने अंग्रेजों से लड़ने के लिए सेना तैयार करी। आजादी की लड़ाई में कई लोगों की जान गयी। 15 अगस्त 1947 को पंडित जवाहरलाल नेहरू भारत के पहले प्रधानमंत्री बने। उन्होंने लाल किले पर तिरंगा फहराया। हर साल भारत के वर्तमान प्रधानमंत्री लाल किले पर झंडा फहराते हैं। उसके बाद वर्तमान प्रधानमंत्री भाषण देते हैं। आजादी के इस दिन पर कई कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं। इस दिन पतंग उड़ाने की परंपरा है। स्वतंत्रता दिवस पर सरकारी दफ्तर बंद रहते हैं। इस दिन सरकारी कर्मचारी का अवकाश होता है। इस दिन लोग अपने वाहन और वस्त्र पर झंडा लगाते हैं। स्कूल में स्वतंत्रता दिवस के अनेक कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं। स्कूलों में झंडा फहराया जाता है।

आजादी के इस आंदोलन में महिलाओं ने भी योगदान दिया। आजादी के दिन राष्ट्रीय अवकाश रहता है। इस दिन उन नेताओं को श्रद्धांजलि दी जाती है जिन्होंने आजादी के आंदोलन में अहम योगदान दिया इस दिन लोग देशभक्ति भरे गानों को सुनते हैं और देशभक्ति वाली फिल्मे देखते हैं। इस दिन वर्षो की गुलामी का अंत हुआ। इस दिन भारतीय सेना परेड करती है। भारत को आजादी 200 साल के लम्बे संघर्ष के बाद मिली।

15 अगस्त पर निबंध 400 शब्द में

स्वतंत्रता दिवस पर निबंध 400 शब्द- 15 अगस्त को भारत को ब्रिटिश साशन से आजादी मिली। 15 अगस्त का दिन हर भारतीय के लिए महत्वपूर्ण दिन है। आज भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। भारत को आजाद करने के लिए कई लोगों ने अपनी जान की क़ुरबानी दी। सभी भारतीय इस पर्व को अपने अलग तरीके से मानते हैं। कुछ लोग उत्सव की जगह को सजाते हैं। कुछ लोग फिल्मे देखते हैं। लोग अपने घर पर झंडा लगते हैं, राष्ट्रगान और देश भक्ति के गीत गाते हैं। कुछ लोग सामाजिक कार्यक्रम में शिरकत करते हैं।

केंद्र सरकार इस दिन को बड़ी धूम धाम से मनाती है। हिंदुस्तान के मौजूदा प्रधानमंत्री इस दिन लाल किले पर झंडा फहराते हैं। उसके बाद भारतीय सेना द्वारा परेड करी जाती है। उसके बाद अलग-अलग राज्यों की झांकियां निकलती हैं। इस प्रकार आलम देशभक्ति से सरोबार हो जाता है। राज्यों में भी आजादी के दिन को जोश के साथ मनाया जाता है। इस दिन देशभक्ति के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री और राज्यपाल मुख्य अतिथि होते हैं। इस आजादी की लड़ाई में सबसे अहम योगदान मोहन दास करमचंद गाँधी उर्फ़ महात्मा गाँधी का रहा। उनके अहिंसा के आंदोलन से 200 साल के लम्बे संघर्ष के बाद भारत को अंग्रेजी हुकूमत से आजादी मिली। महात्मा गाँधी ने नमक पर लगे टैक्स के खिलाफ दांडी मार्च किया। उन्होंने ब्रिटिश के बने उत्पादों का बहिष्कार करवाया।

भारत की जनता ने इकट्ठा होकर ब्रिटिश शाशन के खिलाफ अपने हक़ के लिए आंदोलन किया। अलग धर्मो के लोगों ने एकजुट होकर अपने हक़ के लिए आवाज़ उठाई। कई महिलाओं ने घरेलु जिम्मेदारी छोड़कर आजादी के आंदोलन में अहम योगदान दिया। अरुणा आसफ अली, कमला नेहरू और सरोजिनी नायडू नाम की महिलाओं ने स्वतंत्रता के आंदोलन में अहम योगदान दिया। 15 अगस्त 1947 को इतिहास के सुनहरे अक्षरों में लिखा गया है। भारत को 200 साल की गुलामी के बाद आजादी मिली, इसलिए इस आजादी के दिन को आज भी धूमधाम से मनाया जाता है। अंग्रेजों के भारत पर कब्जे के कारण हम अपने ही देश में गुलाम हो गए थे। धन, जमीन और अनाज से हमारा अधिकार से चला गया था।

अंग्रेज ज्यादा लगान वसूलते और नकदी फसल की खेती करवाते थे। अंग्रेजों का विरोध करने पर जलियावाला बाग हथियाकाण्ड झेलना पड़ा। भारत की जनता को अंग्रेजों द्वारा प्रताड़ित किये जाने की कहानियों की कमी नहीं हैं। अंग्रेजो ने भारत की जनता को बुरी तरह लुटा। इस का एक उदहारण कोहिनूर हीरा हैं।

15 अगस्त पर निबंध 500 शब्द में

स्वतंत्रता दिवस पर निबंध 500 शब्द- 15 अगस्त को इतिहास में सुनहरे अक्षरों से लिखा गया। इस दिन अंग्रेज भारत छोड़ने पर मजबूर हो गए। आजादी 200 सालों बाद भारतवासियों को मिली। इस कारण से आजादी के जश्न को धूम धाम से मनाया जाता हैं। 15 अगस्त एक राष्ट्रीय अवकाश का दिन है। इस दिन स्कूल, कॉलेज और दफ्तर बंद रहते है। 15 अगस्त एक राष्ट्रीय पर्व है। इस दिन तिरंगा फहराया जाता हैं और मिठाइयां बांटी जाती हैं।

स्वतंत्रता दिवस का स्वर्णिम इतिहास- अंग्रेजों का भारत पर कब्ज़ा हो जाने के कारण हम अपने ही देश में गुलाम थे। हमारे अनाज, जमीन और धन से हमारा अधिकार छिन गया। अंग्रेज़ ज्यादा लगान वसूलते और नकद फसल की खेती करवाते थे। अंग्रेजों का विरोध करने पर जल्लियावाला बाघ हत्याकांड को अंजाम दिया गया।अंग्रेजों द्वारा भारतवासियों को प्रताड़ित करने की कहानियों की कमी नहीं है। यह स्वतंत्रता सेनानियों की हिम्मत और आंदोलन का नतीजा हैं कि हम आजाद हैं। अंग्रेजों के भारत माता को लूटने का सबसे बड़ा उदाहरण कोहिनूर है। यह कोहिनूर आज अंग्रेजों की रानी के ताज की शोभा बड़ा रहा है। भारत में अतिथि देवो भवा की परंपरा है। यही कारण हैं कि जब भी अंग्रेज़ भारत आते हैं हम उनका स्वागत करते हैं।

आज़ादी के लिए लोगों का योगदान- भारत की आजादी के सबसे बड़े स्वतंत्रता सेनानी थे मोहन दास करमचंद गांधी। उनका आजादी के आंदोलन में अतुल्य योगदान रहा। वह जनता में बेहद लोकप्रिय थे। उन्होंने अहिंसा के साथ आजादी की लड़ाई में अहम योगदान दिया। महात्मा गांधी ने देश से कई घटिया रिवाजों को दूर किया। लोग महात्मा गांधी को बापू कहते थे। साइमन कमीशन के विरोध में लाला लाजपत राय की मृत्यु हो गयी। उन पर लाठीचार्ज किया गया था। इससे आहात होकर भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु ने सांडर्स की हत्या कर दी। इसके बाद इन तीनों को फांसी की सजा हुई। इन तीनों ने देश के लिए अपने प्राणों की आहुती दे दी। सुभाष चंद्र बोस और बाल गंगाधर तिलक ने आजादी की लड़ाई में अतुल्य योगदान दिया।

स्वतंत्र का पर्व- सभी लोगों के इस स्वतंत्रता के पर्व को मानाने के अलग तरीकें हैं। आजादी के दिन से एक हफ्ते पहले बाजारों में रौनक आ जातीं है। कोई तीन रंगों की रंगोली खरीदता है तो कोई तीन रंगों की लाइटें खरीदता है। इन रंगों में पूरा समां समा जाता है। सब जगह ख़ुशी का माहौल होता है। लोग देशभक्ति के गीत सुनते हैं। सभी धर्म के लोग इस पर्व को एकजुट होकर मनाते हैं।

निष्कर्ष- 15 अगस्त के दिन लोग देश के अच्छे नागरिक होने का संकल्प लेते हैं। लोगों में देशभक्ति की भावना उभर कर आती है। लोग राष्ट्र गान गाकर अपना जीवन देश के लिए जीने का संकल्प लेते हैं। इस दिन भारत माता की जय और जय हिन्द जैसे नारे लगाए जाते हैं।

स्वतंत्रता दिवस पर 10 लाइनें (Independence Day Par 10 Lines)

15 अगस्त पर 10 लाइन
(10 Lines On 15 August)
  1. स्वतंत्रता दिवस भारत का राष्ट्रीय पर्व है।
  2. स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त को मनाया जाता है।
  3. 15 अगस्त 1947 के दिन भारत को आज़ादी मिलने की खुशी में स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है।
  4. इस दिन राष्ट्रीय अवकाश रहता है।
  5. 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के दिन देश के प्रधानमंत्री लाल किले पर राष्ट्रीय ध्वज फहराते हैं।
  6. 15 अगस्त के दिन अलग-अलग तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
  7. 15 अगस्त से एक दिन पहले सभी स्कूलों, कॉलेजों और संस्थानों में तिरंगा झंडा फहराया जाता है।
  8. सरकारी और प्राइवेट ऑफिसों में भी आज़ादी की खुशी का जश्न मनाया जाता है।
  9. स्वतंत्रता दिवस के दिन हर भारतवासी को मिली हुई स्वतंत्रता की रक्षा करने का संकल्प लेना चाहिए।
  10. स्वतंत्रता दिवस स्वतंत्रता के गर्व का पर्व है।

आज़ादी का अमृत महोत्सव (Azadi Ka Amrit Mahotsav)

15 अगस्त 2022 (15 August 2022)

इस वर्ष भारत की आज़ादी के 75वें वर्ष (75th Year of Independence Day of India) पर देश मना रहा है आज़ादी का अमृत महोत्सव (Azadi Ka Amrit Mahotsav), जो भारत सरकार की पहल है। यह महोत्सव भारत के उन लोगों को समर्पित है, जिन्होंने भारत को अपनी विकासवादी यात्रा में लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आज़ादी का अमृत महोत्सव की आधिकारिक यात्रा 12 मार्च 2021 को शुरू हुई, जिसने हमारी स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ के लिए 75 सप्ताह की उलटी गिनती शुरू की और 15 अगस्त 2023 को एक साल के बाद ये यात्रा समाप्त होगी।

ऑफिशियल वेबसाइट- amritmahotsav.nic.in

हर घर तिरंगा अभियान (Har Ghar Tiranga Abhiyan)

स्वतंत्रता दिवस 2022 (Independence Day 2022)

आज़ादी का अमृत महोत्सव के उपलक्ष में भारत सरकार ने हर घर तिरंगा अभियान (Har Ghar Tiranga Abhiyan) भी चलाया हुआ है। ‘हर घर तिरंगा’ आजादी का अमृत महोत्सव के तत्वावधान में लोगों को तिरंगा घर लाने और भारत की आजादी के 75वें वर्ष को चिह्नित करने के लिए इसे फहराने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए एक अभियान है। राष्ट्रीय ध्वज के साथ हमारा संबंध हमेशा व्यक्तिगत से अधिक औपचारिक और संस्थागत रहा है। स्वतंत्रता के 75वें वर्ष में एक राष्ट्र के रूप में ध्वज को सामूहिक रूप से घर लाना इस प्रकार न केवल तिरंगे से व्यक्तिगत संबंध का एक कार्य बल्कि राष्ट्र-निर्माण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रतीक भी बन जाता है। इस पहल के पीछे का विचार लोगों के दिलों में देशभक्ति की भावना को जगाना और भारतीय राष्ट्रीय ध्वज के बारे में जागरूकता को बढ़ावा देना है।

ऑफिशियल वेबसाइट- harghartiranga.com

15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ’s)

People also ask

प्रश्न- 15 अगस्त 1947 को कौन सा दिन था?

उत्तरः शुक्रवार (Friday)।

प्रश्न- 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस क्यों मनाया जाता है?

उत्तरः 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस इसलिए मनाया जाता है क्योंकि इसी दिन सन् 1947 को हमें अंग्रेज़ों से आज़ादी मिली थी।

प्रश्न- 15 अगस्त का मतलब क्या होता है?

उत्तरः 15 अगस्त का मतलब वो दिन जब भारत आज़ाद हुआ था।

प्रश्न- हमारे देश को आजादी कैसे मिली?

उत्तरः हमारे देश को आज़ादी हमारे ही देश को दो टुकड़ों हिंदुस्तान और पाकिस्तान में बंट जानें के बाद मिली।

प्रश्न- देश की आजादी में सबसे बड़ा योगदान किसका है?

उत्तरः देश की आजादी में सबसे बड़ा योगदान हमारे सभी स्वतंत्रता सेनानियों का है।

प्रश्न- स्वतंत्रता का हमारे जीवन में क्या महत्व है?

उत्तरः वर्तमान समय में स्वतंत्रता हमारे जीवन में सबसे महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। आज हम हर चीज़ के लिए स्वतंत्र हैं लेकिन हमें इस बात का भी पूरा ध्यान रखना होगा कि हमारी वजह से देश की स्वतंत्रता पर कोई सवाल या खतरा खड़ा न हो।

हम उम्मीद करते हैं कि आपको हमारा यह हिंदी में निबंध (Essay In Hindi) ज़रूर पसंद आया होगा और आपको इस निबंध से जुड़ी सभी ज़रूरी जानकारी भी मिल गई होगी। इस निबंध को अंत तक पढ़ने के लिए धन्यवाद।

parikshapoint.com की तरफ से आप सभी को “स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं” (Happy Independence Day)

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