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हिंदी दिवस पर भाषण (Hindi Diwas Speech In Hindi)

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PP Team
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हिंदी दिवस पर भाषण (Speech On Hindi Diwas In Hindi): हिंदी मात्र एक भाषा ही नहीं है बल्कि हिंदी हिंदुस्तान की पहचान भी है। ये सच है कि हिंदी भाषा अभी भी अन्य दूसरी भाषाओं से बहुत पीछे है लेकिन इसके बावजूद हिंदी भाषा ने पूरी दुनिया में हिंदुस्तान को एक अलग पहचान दिलाई है। आज विदेशी नागरिक भी हिंदी सीखना, पढ़ना, लिखना और बोलना पसंद करते हैं। भारत ही नहीं बल्कि भारत के बाहर के लोगों में भी हिंदी के प्रति एक नई रुचि जागृत हुई है। ये तो हम सभी जानते हैं कि हर साल 14 सितंबर (14 September) को हिंदी दिवस (Hindi Diwas) मनाया जाता है।

भाषण की शुरुआत में क्या बोलें?

आदरणीय प्रधानाध्यापक जी को, सभी अध्यापकों को, आज के हमारे मुख्य अतिथियों को, निर्णायक मंडल को, आयोजकों को और मेरे सभी मित्रों को मेरा प्रणाम। सबसे पहले मैं आप सभी का आभार प्रकट करना चाहता हूं कि आपने मुझे आज इस मंच पर बोलने और अपने विचार प्रस्तुत करने का अवसर दिया। मेरा नाम ______ है और मैं कक्षा _____ का छात्र हूं। हिंदी मेरा प्रिय विषय है और आज हिंदी दिवस के अवसर पर मैं अपने कुछ विचार आपके सामने रखूंगा और कोशिश करूंगा कि आपका ज़्यादा समय न लेते हुए अपनी बात को स्पष्ट रूप से कह सकूं। मैं आप सभी से भी उम्मीद करता हूं कि मुझे सुनने में आप भी मेरा पूरा साथ देंगे।

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भाषण में क्या बोलें?

आज का दिन हम सभी भारतीयों और हिन्दी प्रेमियों के लिए बेहद की खास है क्योंकि आज पूरे भारत और पूरी दुनिया में हिन्दी दिवस मनाया जा रहा है। हिन्दी दिवस मनाने की शुरुआत इस उद्देश्य के साथ की गई थी कि संसार में हिन्दी भाषा को बढ़ावा मिल सके। आज पूरे विश्व में छः हजार से भी ज़्यादा भाषाएं हैं और न जाने कितनी बोलियां हैं, जो हमारे देश में बोली जाती हैं। उन सभी अनगिनत भाषाओं और बोलियों में से एक भाषा हिन्दी भी है। हिन्दी हिन्दुस्तान की नहीं बल्कि पूरे संसार की दूसरी बड़ी भाषा है। हिंदी भाषा का उपयोग आज सर्वाधिक आबादी द्वारा किया जा रहा है। अन्य दूसरी भाषाओं के मुकाबले में हिंदी सबसे सरल भाषा है जिसे कोई भी आसानी से पढ़ सकता है, समझ सकता है, सीख सकता है, बोल सकता है और लिख सकता है।

भारत में ज़्यादातर लोग हिंदी भाषा ही बोलते हैं। 14 सितम्बर सन् 1949 को हिन्दी भाषा को हमारे देश की ‘राजभाषा’ का दर्जा मिला था। हिन्दी भाषा को हिन्दुस्तान की जननी भी कहते हैं। आज देश के कोने-कोने में हिन्दी भाषा का इस्तेमाल किया जा रहा है। आम बोलचाल के साथ-साथ छोटे-बड़े कामों में, कार्यक्रमों में, भाषणों में, समाचार पत्रों में, सरकारी कामकाज में, शिक्षा में, मनोरंजन आदि कई क्षेत्रों में हिन्दी भाषा को अधिक महत्व दिया जा रहा है। हिन्दी भाषा की वजह से ही आज हमारा देश एकता के सूत्र में बंधा हुआ है। आज देश का हर नागरिक फिर चाहे वह किसी भी धर्म, समुदाय या जाति का हो, हिंदी भाषा का उपयोग पूरे सम्मान के साथ कर रहा है।

हमारे देश की एकता में हिन्दी का महत्त्वपूर्ण योगदान है। हमें समाज के लोगों से बातचीत करने के लिए और संचार करने के लिए किसी एक विशेष भाषा या बोली की ज़रूरत होती है। हम सभी के जीवन में भाषा बहुत ही महत्त्वपूर्ण है। हम जिस किसी भी भाषा या बोली में बातचीत करते हैं, हमें उस भाषा का ज्ञान होना भी बहुत ज़रूरी है। भाषा के माध्यम से ही समाज में एक-दूसरे से विचारों का आदान-प्रदान करना संभव हो पाया है। अगर आज हम अपने विचारों को आपस में साझा करने के लिए हिंदी भाषा का ज़्यादा से ज़्यादा प्रयोग करें, तो हमारा समाज और भी मजबूती के साथ एकता के सूत्र में बंध सकता है।

आज हम देख रहे हैं कि हमारे देश के स्कूलों और शिक्षण संस्थानों में भी हिन्दी का प्रयोग किया जा रहा है। स्कूल का सिलेबस हो या प्रश्न पत्र, अंग्रेजी के साथ-साथ हिन्दी को भी वरीयता दी जा रही है। धीरे-धीरे सभी पाठ्यक्रमों में हिन्दी को अनिवार्य किया जा रहा है। इतना ही नहीं, अब तो सभी संस्थानों, कार्यालयों, सरकारी आफिसों आदि सभी जगहों पर हिन्दी भाषा के प्रयोग पर ज़ोर दिया जा रहा है। इसके अलावा हिंदी समाचार पत्र, हिंदी पत्रिकाएं, हिंदी न्यूज़ चैनल भी हिंदी भाषा को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। हिंदी फिल्म जगत के क्षेत्र में भी हिंदी का वर्चस्व बढ़ा हुआ नज़र आ रहा है। हिन्दी भारत ही नहीं बल्कि विदेश में भी कामयाबी की तरफ अपने कदम बढ़ा रही है।

हमें इस बात पर भी गौर करना होगा कि हमारे देश के विकास के लिए एक राष्ट्र एक भाषा यानी कि एक राष्ट्रभाषा का होना बहुत ज़रूरी है। भारत के विकास में आज़ादी से पहले, आज़ादी के दौरान और आज़ादी के बाद हिन्दी भाषा का योगदान सर्वोच्च रहा है। हिन्दी से ही हमारे समाज और हमारे देश का निर्माण हुआ है। हिन्दी हमारे देश की राष्ट्रभाषा न सही लेकिन राजभाषा ज़रूर है, जिसपर हमें हमेशा गर्व होना चाहिए। हिन्दी हमारे देश का गौरव है और हम सभी देशवासियों को इसे बरकरार रखने में कदम से कदम मिलाकर चलना होगा।

भाषण के समापन में क्या बोलें?

हिन्दी हमारे देश की आन, बान और शान है। हिंदी हम हिंदुस्तानियों के दिल की भाषा है, जो हर देशवासी के दिल पर राज करती है। शायद हिंदी इसीलिए नायाब है। इन्हीं विचारों के साथ अब मैं अपनी वाणी को यहीं पर विराम देना चाहूंगा। आशा करता हूं कि आपको मेरे विचार ज़रूर पसंद आए होंगे। मेरी ओर से आप सभी को हिंदी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।

हिंदी दिवस पर भाषण, वीडियो के माध्यम से सुनें।

हिंदी दिवस पर 10 लाइनें

1. हिंदी हमारी मातृभाषा है।

2. हर साल राष्ट्रीय हिंदी दिवस 14 सितंबर को और विश्व हिंदी दिवस 10 जनवरी को मनाया जाता है।

3. 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा ने देवनागरी लिपि में लिखी हिन्दी को राष्ट्र की आधिकारिक भाषा के तौर पर स्वीकार किया।

4. पहला आधिकारिक हिन्दी दिवस 14 सितंबर सन् 1953 को मनाया गया था।

5. पंडित जवाहरलाल नेहरू ने हर साल 14 सितंबर को हिन्दी दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया।

6. हिंदी को बढ़ावा देने के लिए पूरे देश में हिंदी दिवस मनाया जाता है।

7. इस दिन हिंदी साहित्यिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं जैसे हिंदी कहानी प्रतियोगिता, हिंदी कवि सम्मेलन आदि।

8. हिन्दी दुनिया में बोली जाने वाली भाषाओं में तीसरे नंबर पर है।

9. हिंदी दिवस ऐसे लोगों को जगाने का प्रयास है जो अंग्रेजी को ज्यादा अहमियत देते हैं।

10. हमें अपनी मातृभाषा यानी हिंदी भाषा में बोलने में गर्व महसूस करना चाहिए।

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हिंदी दिवस पर 10 लाइनें।
FAQs

People also ask

प्रश्न- हिंदी दिवस पर भाषण कैसे दे?

उत्तरः हिंदी दिवस पर भाषण देने के लिए सबसे पहले अपने शब्दों और विचारों के साथ भाषण को लिख लें। उसके बाद उसी भाषण को पढ़कर बोलने का अभ्यास करें।

प्रश्न- हिंदी दिवस का महत्व क्या है?

उत्तरः हिंदी दिवस का महत्व हमें बताता है कि हिंदी हिंदुस्तान के सम्मान की भाषा है, जिसपर हर भारतवासी को गर्व होना चाहिए।

प्रश्न- हिंदी दिवस क्यों मनाते हैं अपने शब्दों में लिखिए?

उत्तरः हिंदी दिवस इसलिए मनाते हैं क्योंकि 14 सितंबर 1949 को हिंदी को हमारे देश की राजभाषा का दर्जा मिला था। इसके अलावा हिंदी हमारी मातृभाषा भी है, इसलिए हिंदी के प्रचार-प्रसार को बढ़ावा देने के लिए भी हिंदी दिवस मनाया जाता है।

प्रश्न- हिंदी में भाषण कैसे लिखा जाता है?

उत्तरः हिंदी में भाषण लिखने के लिए आपको सबसे पहले उसकी एक रूपरेखा तैयारी करनी चाहिए। उसके बाद आप जिस भी विषय पर हिंदी में भाषण लिखना चाहते हैं, आपको उसकी अच्छी जानकारी होनी चाहिए। इसके अलावा हिंदी में भाषण लिखने के लिए आपकी हिंदी भाषा में भी अच्छी पकड़ होनी चाहिए।

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