गणतंत्र दिवस पर निबंध (Essay On Republic Day In Hindi): 26 जनवरी पर निबंध, 10 लाइनें, भाषण, कविता, शायरी आदि

गणतंत्र दिवस पर निबंध- गणतंत्र दिवस (Republic Day) भारत का एक राष्ट्रीय पर्व है जो हर साल 26 जनवरी को मनाया जाता है। इसी दिन सन् 1950 को भारत सरकार अधिनियम 1935 को हटाकर भारत का संविधान लागू किया गया था। गणतंत्र दिवस वो दिन है जिसे पूरा देश एक साथ मिलकर बहुत ही उत्साह के साथ मनाता है। 26 जनवरी गणतंत्र दिवस (26 January Republic Day) के दिन देश भर में कई तरह के कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं और खासतौर से विद्यालयों तथा सरकारी कार्यलयों में इसे काफी धूम-धाम के साथ मनाया जाता है। ऐसे में कई स्कूल-कॉलेज और संस्थानों में निबंध लेखन प्रतियोगिता का आयोजन भी किया जाता है।

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गणतंत्र दिवस पर निबंध (Essay On Republic Day In Hindi)

हम सभी को इस बात पर गर्व होना चाहिए कि हम भारत जैसे देश के नागरिक हैं जो गणतांत्रिक होने के साथ-साथ लोकतांत्रिक भी है और जहाँ सभी को समान अधिकार प्राप्त हैं। गणतंत्र दिवस के दिन ही हमारे देश का संविधान लागू हुआ था, जिसमें हमारे अधिकारों का वर्णन है। अगर आप गणतंत्र दिवस के बारे में विस्तार से जानना चाहते हैं, तो आपको इस पेज पर दिया गणतंत्र दिवस का निबंध पूरा पढ़ना होगा। गणतंत्र दिवस पर निबंध प्रस्तावना उपसंहार सहित पढ़ने के लिए नीचे देखें।

गणतंत्र दिवस पर निबंध
(Republic Day Essay in Hindi)

प्रस्तावना

भारत में हर साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के रूप में भारत के लोगों द्वारा बेहद खुशी और उत्साह के साथ मनाया जाता है। संप्रभु लोकतांत्रिक गणराज्य होने के महत्व को सम्मान देने के लिये इसको मनाया जाता है, जो 26 जनवरी 1950 में भारत के संविधान के लागू होने के बाद से मनाया जाता है। इस दिन को भारत सरकार द्वारा पूरे देश में राजपत्रित अवकाश के रूप में घोषित किया गया है। इसे पूरे भारत वर्ष में विद्यार्थियों द्वारा स्कूल, कॉलेजों और शिक्षण संस्थानों में मनाया जाता है।

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26 जनवरी गणतंत्र दिवस क्यों मनाया जाता है?

भारत सरकार हर साल राष्ट्रीय राजधानी, नई दिल्ली में एक कार्यक्रम आयोजित करती है जिसमें इंडिया गेट पर खास परेड का आयोजन होता है। सुबह-सुबह ही इस महान कार्यक्रम को देखने के लिये लोग राजपथ पर इकट्ठा होने लगते है। इसमें तीनों सेनाएँ विजय चौक से अपनी परेड को शुरू करती हैं जिसमें तरह-तरह अस्त्र-शस्त्रों का भी प्रदर्शन किया जाता है। आर्मी बैंड, एन.सी.सी कैडेट्स और पुलिस बल भी विभिन्न धुनों के माध्यम से अपनी कला का प्रदर्शन करते हैं। राज्यों में भी इस उत्सव को राज्यपाल की मौजूदगी में बेहद शानदार तरीके से मनाया जाता है।

भारत में गणतंत्र दिवस का दिन राष्ट्रीय अवकाश के रूप में मनाया जाता है। इस महान दिन का उत्सव लोग अपने-अपने तरीके से मनाते हैं, जैसे- समाचार देखकर, स्कूल में भाषण के द्वारा या भारत की आजादी से संबंधित किसी प्रतियोगिता में भाग लेकर आदि। इस दिन भारतीय सरकार द्वारा नई दिल्ली के राजपथ पर बहुत बड़ा कार्यक्रम रखा जाता है, जहाँ झंडारोहण और राष्ट्रगान के बाद भारत के राष्ट्रपति के समक्ष इंडिया गेट पर भारतीय सेना द्वारा परेड किया जाता है।

भारत में आजादी के बाद “विविधता में एकता” के अस्तित्व को दिखाने के लिये देश के विभिन्न राज्य भी खास झाँकियों के माध्यम से अपनी संस्कृति, परंपरा और प्रगति को प्रदर्शित करते हैं। लोगों द्वारा अपनी तरफ का लोक नृत्य प्रस्तुत किया जाता है साथ ही गायन, नृत्य और वाद्य यंत्रों को बजाया जाता है। कार्यक्रम के अंत में तीन रंगों (केसरिया, सफेद, और हरा) के फूलों की बारिश वायु सेना द्वारा की जाती है जो आकाश में राष्ट्रीय झंडे का चिन्ह् प्रदर्शित करता है। शांति को प्रदर्शित करने के लिये कुछ रंग-बिरंगे गुब्बारों को आकाश में छोड़ा जाता है।

26 जनवरी का क्या महत्व है?

26 जनवरी के दिन मनाया जाने वाला हमारा यह गणतंत्र दिवस का पर्व हमारे अंदर आत्मगौरव भरने का कार्य करता है तथा हमें पूर्ण स्वतंत्रता की अनुभूति कराता है। यही कारण है कि इस दिन को पूरे देश भर में इतने धूम-धाम तथा हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। गणतंत्र दिवस का यह पर्व हम सबके लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है क्योंकि वह दिन है जो हमें हमारे संविधान का महत्व समझाता है। भले ही हमारा देश 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्र हो गया था, परन्तु इसे पूर्ण रूप से स्वतंत्रता की प्राप्ति 26 जनवरी 1950 को मिली क्योंकि यह वह दिन था।

जब हमारे देश का संविधान प्रभावी हुआ और हमारा भारत देश विश्व पटल पर एक गणतांत्रिक देश के रुप में स्थापित हुआ। आज के समय यदि हम स्वतंत्र रूप से कोई भी फैसला ले सकते हैं या फिर किसी प्रकार के दमन तथा दुर्वव्यस्था के खिलाफ आवाज उठा सकते हैं, तो ऐसा सिर्फ हमारे देश के संविधान और गणतांत्रिक स्वरूप के कारण संभव है। यहीं कारण है कि हमारे देश में गणतंत्र दिवस को एक राष्ट्रीय पर्व के रूप में मनाया जाता है। गणतंत्र दिवस का यह राष्ट्रीय पर्व हमारे लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है क्योंकि हमारे देश का संविधान तथा इसका गणतांत्रिक स्वरूप ही हमारे देश को कश्मीर से कन्याकुमारी तक जोड़ने का कार्य करता है।

उपसंहार

यह वह दिन है जब हमारा देश विश्व मानचित्र पे एक गणतांत्रिक देश के रुप में स्थापित हुआ। यही कारण है कि इस दिन को पूरे देश भर में इतने धूम-धाम तथा हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। 26 जनवरी का यह दिन हमारे देश के लिए एक ऐतहासिक पर्व है इसलिए हमें पूरे जोश तथा सम्मान के साथ इस पर्व को मनाना चाहिए।

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गणतंत्र दिवस पर निबंध 100 शब्दों में

26 जनवरी पर निबंध- हर साल 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है। हम सभी को यह पता होना चाहिए कि 26 जनवरी क्यों मनाया जाता है? इस दिन भारत में गणतंत्र और संविधान लागू हुआ था। इस दिन को राष्ट्रीय पर्व के रूप में मनाया जाता है और इस दिन को राष्ट्रीय अवकाश घोषित किया गया है।

26 जनवरी के दिन संविधान लागू होते ही भारत पूरी तरह से लोकतांत्रिक गणराज्य बन गया था। 4 नवंबर 1947 को डॉ. भीमराव अंबेडकर की अध्यक्षता में भारतीय संविधान का प्रारूप सदन में स्थापित किया गया। भारत का संविधान 2 वर्ष 11 माह और 18 दिन में बनकर तैयार हुआ और 26 जनवरी 1950 को इस को संपूर्ण भारत में लागू कर दिया गया।

गणतंत्र दिवस पर निबंध 300 शब्दों में

26 जनवरी पर निबंध हिंदी में- गणतंत्र दिवस भारत का राष्ट्रीय पर्व है। यह दिवस भारत के गणतंत्र बनने की खुशी में मनाया जाता है। 26 जनवरी, 1950 के दिन भारत को एक गणतांत्रिक राष्ट्र घोषित किया गया था। इसी दिन स्वतंत्र भारत का नया संविधान अपनाकर नए युग का सूत्रपात किया गया था। यह भारतीय जनता के लिए स्वाभिमान का दिन था। संविधान के अनुसार डॉ. राजेन्द्र प्रसाद स्वतंत्र भारत के प्रथम राष्ट्रपति बने। जनता ने देश भर में खुशियाँ मनाई। तब से 26 जनवरी को हर वर्ष गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है। 

26 जनवरी का दिन भारत के लिए गौरवमय दिन है। इस दिन देश भर में विशेष कार्यक्रम होते हैं। विद्‌यालयों, कार्यालयों तथा सभी प्रमुख स्थानों में राष्ट्रीय झंडा तिरंगा फहराने का कार्यक्रम होता है। बच्चे इनमें उत्साह से भाग लेते हैं। लोग एक-दूसरे को बधाई देते हैं। स्कूली बच्चे जिला मुख्यालयों, प्रांतों की राजधानियों तथा देश की राजधानी के परेड में भाग लेते हैं। विभिन्न स्थानों में सांस्कृतिक गतिविधियाँ होती हैं। लोकनृत्य, लोकगीत, राष्ट्रीय गीत तथा विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम होते हैं। देशवासी देश की प्रगति का मूल्यांकन करते हैं। यह पर्व हम भारतवासियों के लिए बहुत महत्त्वपूर्ण है। यही वो दिन है, जो हमें हमारे संविधान का महत्व बतलाता है। भले ही हमारा देश 15 अगस्त 1947 को आजाद हुआ, परंतु भारत को उसका वास्तविक अस्तित्व 26 जनवरी को ही मिला है।

26 जनवरी गणतंत्र दिवस का पर्व हमारे लिए बहुत ही महत्त्वपूर्ण है। क्योंकि हमारे देश का संविधान व इसका गणतांत्रिक रूप ही हमारे देश को कश्मीर से कन्याकुमारी तक जोड़ता है। यह वह दिन है जब हमारा देश विश्व मानचित्र में गणतंत्र के रूप में स्थापित हुआ। इस दिन हम सभी नागरिकों को प्रतिज्ञा करनी चाहिए कि हम भारत के संविधान की गरिमा को बनाए रखेंगे। इसकी सुरक्षा करेंगे और शांति व समरसता को बनाये रखेंगे और देश के विकास में सहयोग देंगे।

गणतंत्र दिवस पर निबंध 500 शब्दों में

26 जनवरी का निबंध- लंबे समय तक हमारी मातृभूमि भारत पर ब्रिटीश शासन का राज रहा है और भारत के लोगों ने सालों तक गुलामी की है। जिसके कारण भारत के लोगों को ब्रिटीश शासन द्वारा बनाये गये कानूनों का पालन करना पड़ता था। लंबे संघर्ष के बाद भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों ने अंतत: 15 अगस्त 1947 को भारत को आजादी दिलाई। आजादी के लगभग ढाई साल बाद यानी कि 26 जनवरी 1950 को भारत देश ने अपना संविधान लागू कर दिया और भारत ने खुद को एक लोकतांत्रिक गणराज्य के रुप में घोषित कर दिया।

भारतीय संविधान को हमारी संसद ने लगभग 2 साल 11 महीने और 18 दिनों के बाद 26 जनवरी 1950 को पास किया गया। भारत ने खुद को संप्रभु, लोकतांत्रिक, गणराज्य घोषित कर दिया। जिसके बाद 26 जनवरी को भारत के लोगों द्वारा गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाने लगा। आजादी के बाद एक ड्राफ्टिंग कमेटी को 28 अगस्त 1947 की मीटिंग में भारत के स्थायी संविधान का प्रारूप तैयार करने के लिए कहा गया था। डॉ. बी.आर. अंबेडकर की अध्यक्षता में 4 नवंबर 1947 को भारतीय संविधान के प्रारूप को सदन में रखा गया। लगभग तीन साल का समय लगने के बाद ये पूरी तरह से तैयार हो पाया था और आखिरकार इंतजार की घड़ी 26 जनवरी 1950 को खत्म हो गई और इसको लागू कर दिया गया।

भारत में रह रहे लोगों और साथ ही विदेश में भी रहने वाले भारतीयों के लिए गणतंत्र दिवस का उत्सव मनाना बहुत ही सम्मान की बात है। स्कूलों में, कॉलेजों में, ऑफिस में आदि हर जगह 26 जनवरी को भारत देश का झंडा फहराया जाता है और काफी सारे प्रोग्राम होते हैं, जिनकी तैयारी महीनो पहले से होने लगती है। भारत के लोग 26 जनवरी को पूरे उत्साह और खुशी के साथ मनाते हैं। सुरक्षा कारणों से लोगों की आवाजाही को इंडिया गेट पर रोक दिया जाता है।

गणतंत्र दिवस के दिन पूरे भारत के सभी राज्यों की राजधानियों और राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में भी एक बड़े पैमाने पर उत्सव का खास प्रबंध किया जाता है। आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रपति द्वारा ध्वजारोहण और राष्ट्रगान के साथ की जाती है। इतना ही नहीं इसके बाद तीनों सेनाओं द्वारा परेड होती है। जो सामान्यत: विजय चौक से शुरू होती है और इंडिया गेट पर जाकर खत्म होती है। इस दौरान राष्ट्रपति को तीनों भारतीय सेनाओं (थल, जल, और नभ) द्वारा सलामी दी जाती है। साथ ही अत्याधुनिक हथियारों और टैंकों का प्रदर्शन भी सेना के द्वारा किया जाता है। जो कि हमारे राष्ट्रीय शक्ति का प्रतीक है। इतना ही नहीं साथ ही राज्यों की झाकियोँ की प्रदर्शनी, पुरस्कार वितरण, मार्च पास्ट आदि क्रियाएँ भी होती हैं। अंत में पूरे भारत का वातावरण “जन गण मन गण” से गूँजता है।

गणतंत्र दिवस के दिन हम सभी को यह प्रण लेना चाहिए कि हम अपने भारत देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा करेंगे तथा हमेशा एकजुट होकर रहेंगे। भारत को विश्वव्यापी ताकत बनाने का जो सपना हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने देखा था उसे हमें हर हाल में पूरा करना होगा। ये ही गणतंत्र की असली पहचान होगी।

गणतंत्र दिवस पर 10 लाइन सुनें।

गणतंत्र दिवस पर 10 लाइन

26 जनवरी पर 10 लाइनें
(26 January 10 Lines In Hindi)

1. भारत का गणतंत्र दिवस प्रत्येक वर्ष 26 जनवरी के दिन मनाया जाता है।
2. 26 जनवरी 1950 को भारत का संविधान पूर्ण रूप से लागू हुआ।
3. भारत का संविधान दुनिया का सबसे बड़ा लिखित संविधान माना गया है।
4. 26 जनवरी के दिन ही भारत को गणराज्य का सर्वोत्तम दर्जा प्राप्त हुआ।
5. 26 जनवरी के दिन दिल्ली में इंडिया गेट से राष्ट्रपति भवन तक परेड निकाली जाती है।
6. इस परेड में भारत की थलसेना, वायुसेना और नौसेना भाग लेते हैं व अपने तरीके से गणतंत्र दिवस की शोभा बढ़ाते है।
7. गणतंत्र दिवस जैसे अवसर पर भारत के राष्ट्रपति लालकिले से देश को सम्बोधित करते हैं।
8. इस पूरे आयोजन को भारत के राष्ट्रीय चैनल पर प्रकाशित किया जाता है।
9. राष्ट्रपति द्वारा तिरंगा झंडा फहराने के उपरांत राष्ट्रगान गाया जाता है।
10. 26 जनवरी के दिन वीर चक्र, परमवीर चक्र जैसे राष्ट्रीय सम्मान वितरित किये जाते हैं।

गणतंत्र दिवस पर भाषण

26 जनवरी पर शानदार भाषण
(26 January Hindi Speech)

26 जनवरी का भाषण- आप सभी को मेरी तरफ से सुप्रभात। मेरा नाम _____है। मैं____कक्षा____का/की छात्र/छात्रा/शिक्षक/शिक्षिका हूँ। हम सब जानते हैं हम सब आज यहाँ एक विशेष अवसर पर एकत्र हुए हैं। आज के दिन को हम भारत के गणतंत्र दिवस के नाम से जानते हैं। मैं आज के महान दिन पर आप सभी को भारत के गणतंत्र दिवस के बारे में कुछ महत्वपूर्ण बातें बताना चाहता/चाहती हूँ। सबसे पहले मैं आप सभी लोगों का शुक्रिया करना चाहता/चाहती हूँ कि मुझे आप लोगों ने इस अद्भुत अवसर पर ये मौका दिया कि मैं यहां आपके सामने खडे होकर इस अवसर के बारे में और अपने प्यारे देश के विषय में कुछ शब्द बोल सकूं।

देशभक्तों के त्याग, तपस्या और बलिदान की अमर कहानी 26 जनवरी का पर्व समेटे हुए है। उत्सर्ग और शौर्य का इतिहास भारत की भूमि पर पग-पग में अंकित है। किसी ने सच ही कहा है- ‘कण-कण में सोया शहीद, पत्थर-पत्थर इतिहास है।’

26 जनवरी हमारे देश के लिए बहुत खास दिन है। गणतन्त्र (गण+तंत्र) का अर्थ है, जनता के द्वारा जनता के लिये शासन। हमारे देश का संविधान 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ था। 26 जनवरी 1950 को हमारा देश भारत एक गणतंत्र देश बन गया था। इस दिन की सबसे अच्छी बात यह है कि सभी जाति एवं वर्ग के लोग इसको एक साथ मिलकर मनाते हैं।

आप सभी को पता होगा कि रिपब्लिक या गणतंत्र का मतलब क्या होता है। अपने राजनीतिक नेता को चुनने का अधिकार देश में लोगों के ऊपर होता है। भारत के महान स्वतंत्रता सेनानियों ने कड़ी मेहनत और संघर्ष के करके ही भारत को पूर्ण स्वराज दिलाया है। उन्होंने हमारे लिए बहुत कुछ किया है उसका ही नतीजा है कि आज हम अपने देश भारत में आराम से रह रहें है।

भारत देश के कुछ महान भारतीय स्वतंत्रता सेनानी नेताओं में इन महान नेताओं का नाम आता है। जैसे महात्मा गाँधी, भगत सिंह, चन्द्र शेखर आजाद, लाला लाजपत राय, सरदार बल्लभ भाई पटेल, लाल बहादुर शास्त्री इन स्वतंत्रता सेनानियों ने हमारे भारत देश को आजाद कराने के लिए अपनी जान भी न्यौछावर कर दी थी और उनके इन महान कामों के लिए ही आज भी उनका नाम भारत देश के इतिहास में लिखा है। न ही सिर्फ लिखा ब्लकि आज भी देश का बच्चा बच्चा उनको याद करता है और उनकी तरह बनना चाहता है। लगातार कई वर्षों तक इन महान लोगों ने ब्रिटिश सरकार का सामना किया और हमारे वतन को उनकी गुलामी से आज़ाद कराया। भारत वासी उनके इस बलिदान को कभी भी भुला नहीं सकते हैं। उन्हीं के कारण आज हम अपने देश में आज़ादी से सांस ले रहे हैं।

हमारे प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने कहा था कि, ”हमने एक ही संविधान और संघ में हमारे पूर्ण महान और विशाल देश के अधिकार को पाया है। जो देश में रह रहे सभी पुरुषों और महिलाओं के कल्याण की जिम्मेदारी लेता है। यह बहुत ही शर्म की बात है कि आजादी के इतने वर्षों के बाद भी हम आज अपराध, भ्रष्टाचार और हिंसा जैसी समस्याओं से लड़ रहे हैं।”

अब समय आ गया है कि हमें दोबारा एक साथ मिलकर अपने देश से इन बुराइयों को बाहर निकाल फेंकना है जैसे कि स्वतंत्रता सेनानी नेताओं ने अंग्रेजों को हमारे देश से निकाल दिया था। हमें अपने भारत देश को एक सफल, विकसित और स्वच्छ देश बनाना होगा। हमें अपने भारत देश की गरीबी, बेरोजगारी, अशिक्षा, ग्लोबल वार्मिंग, असमानता आदि जैसे चीजों को अच्छी तरह समझना होगा और इनका हल निकालना होगा।

आओ करें प्रतिज्ञा हम सब इस पावन गणतन्त्र दिवस पर,
हम सब बापू के आदर्शों को अपनायेंगे नया समाज बनायेंगे,
भारत माँ के वीर सपूतों के बलिदानों को हम व्यर्थ न जानें देंगे,
जाति, धर्म के भेदभाव से ऊपर उठकर नया समाज बनायेंगे।

मैं एक बार फिर आपको अपने भाषण को ध्यान से सुनने के लिए धन्यवाद देना चाहता/चाहती हूं और मुझे आप सभी के सामने अपनी बात रखने के लिए धन्यवाद देना चाहता/चाहती हूं। और आपको भी बात करने का मौका देना चाहता/चाहती हूं। जय हिन्द! वन्दे मातरम!

गणतंत्र दिवस पर कविता

26 जनवरी की कविताएं
(26 January Hindi Poems)

कविता 1

हम आजादी के मतवाले,
झूमे सीना ताने।
हर साल मनाते उत्सव,
गणतंत्र का महजब़ जाने।
संविधान की भाषा बोले,
रग-रग में कर्तव्य घोले।
गुलामी की बेड़ियों को,
जब रावी-तट पर तोड़ा था।
उसी अवसर पर तो,
हमनें संविधान से नाता जोड़ा था।
हर साल हम उसी अवसर पर,
गणतंत्र उत्सव मनाते हैं।।
पूरा भारत झूमता रहता है,
और हम नाचते-गाते हैं।
राससीना की पहाड़ी से,
शेर-ए-भारत बिगुल बजाता है।
अपने शहीदों को करके याद,

कविता 2

“आओ तिरंगा फहराये”
आओ तिरंगा लहराये, आओ तिरंगा फहराये;
अपना गणतंत्र दिवस है आया, झूमे, नाचे, खुशी मनाये।
अपना 67वाँ गणतंत्र दिवस खुशी से मनायेगे;
देश पर कुर्बान हुये शहीदों पर श्रद्धा सुमन चढ़ायेंगे।
26 जनवरी 1950 को अपना गणतंत्र लागू हुआ था,
भारत के पहले राष्ट्रपति, डॉ. राजेन्द्र प्रसाद ने झंड़ा फहराया था,
मुख्य अतिथि के रुप में सुकारनो को बुलाया था,
थे जो इंडोनेशियन राष्ट्रपति, भारत के भी थे हितैषी,
था वो ऐतिहासिक पल हमारा, जिससे गौरवान्वित था भारत सारा।
विश्व के सबसे बड़े संविधान का खिताब हमने पाया है,
पूरे विश्व में लोकतंत्र का डंका हमने बजाया है।
इसमें बताये नियमों को अपने जीवन में अपनाये,
थाम एक दूसरे का हाथ आगे-आगे कदम बढ़ाये,
आओ तिरंगा लहराये, आओ तिरंगा फहराये,
अपना गणतंत्र दिवस है आया, झूमे, नाचे, खुशी मनाये।

कविता 3

“देखो 26 जनवरी आयी”
देखो 26 जनवरी है आयी, गणतंत्र की सौगात है लायी।
अधिकार दिये हैं इसने अनमोल, जीवन में बढ़ सके बिन अवरोध।
हर साल 26 जनवरी को होता है वार्षिक आयोजन,
लाला किले पर होता है जब प्रधानमंत्री का भाषन।
नयी उम्मीद और नये पैगाम से, करते है देश का अभिभादन,
अमर जवान ज्योति, इंडिया गेट पर अर्पित करते श्रद्धा सुमन,
2 मिनट के मौन धारण से होता शहीदों को शत-शत नमन।
सौगातो की सौगात है, गणतंत्र हमारा महान है,
आकार में विशाल है, हर सवाल का जवाब है,
संविधान इसका संचालक है, हम सब का वो पालक है,
लोकतंत्र जिसकी पहचान है, हम सबकी ये शान है,
गणतंत्र हमारा महान है, गणतंत्र हमारा महान है।

गणतंत्र दिवस पर शायरी

26 जनवरी पर शायरी
(26 January Hindi Shayari)

सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है

देखना है ज़ोर कितना बाज़ू-ए-क़ातिल में है

– बिस्मिल अज़ीमाबादी

दिल से निकलेगी न मर कर भी वतन की उल्फ़त

मेरी मिट्टी से भी ख़ुशबू-ए-वफ़ा आएगी

– लाल चन्द फ़लक

सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोस्ताँ हमारा

हम बुलबुलें हैं इस की ये गुलसिताँ हमारा

– अल्लामा इक़बाल

लहू वतन के शहीदों का रंग लाया है

उछल रहा है ज़माने में नाम-ए-आज़ादी

– फ़िराक़ गोरखपुरी

वतन की ख़ाक से मर कर भी हम को उन्स बाक़ी है

मज़ा दामान-ए-मादर का है इस मिट्टी के दामन में

– चकबस्त ब्रिज नारायण

गणतंत्र दिवस पर अधिकतर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ’s)

प्रश्न- 26 जनवरी पर निबंध कैसे लिखें?

उत्तरः 26 जनवरी गणंतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है। भारतीय संविधान निर्माण के लिए 22 समितियों का चुनाव किया गया। इसी दिन 1950 को देश में कानून और भारतीय शासन को लागू कर दिया गया।

प्रश्न- 26 जनवरी 2022 का गणतंत्र दिवस कौन सा है?

उत्तरः 73वां गणतंत्र दिवस।

प्रश्न- 26 जनवरी 1950 को कौन सा दिन था?

उत्तरः गुरुवार (Thursday)।

प्रश्न- 26 जनवरी को झंडा कौन फहराता है?

उत्तरः 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस पर मुख्य कार्यक्रम राजपथ पर आयोजित होता है और राष्ट्रपति झंडा फहराते हैं।

प्रश्न- गणतंत्र दिवस 26 जनवरी को क्यों मनाया जाता है?

उत्तरः भारत 15 अगस्त 1947 को आज़ाद हुआ था और 26 जनवरी 1950 को इसके संविधान को अपनाया गया, जिसके तहत भारत देश को एक लोकतांत्रिक, संप्रभु और गणतंत्र देश घोषित किया गया। इसलिए लिए हर साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है।

प्रश्न- गणतंत्र दिवस क्यों मनाया जाता है स्पीच?

उत्तरः इसी दिन सन् 1950 को भारत सरकार अधिनियम (1935) को हटाकर भारत का संविधान लागू किया गया था। एक स्वतन्त्र गणराज्य बनने और देश में कानून का राज स्थापित करने के लिए संविधान को 26 नवम्बर 1949 को भारतीय संविधान सभा द्वारा अपनाया गया और 26 जनवरी 1950 को इसे एक लोकतान्त्रिक सरकार प्रणाली के साथ लागू किया गया था।

प्रश्न- भारत एक गणतंत्र देश है कैसे?

उत्तरः 26 जनवरी 1950 को भारत के प्रथम राष्‍ट्रपति डॉ. राजेन्‍द्र प्रसाद ने 21 तोपों की सलामी के बाद भारतीय राष्‍ट्रीय ध्‍वज को फहराकर भारतीय गणतंत्र के ऐतिहासिक जन्‍म की घो‍षणा की थी। अंग्रेजों के शासनकाल से छुटकारा पाने के 894 दिन बाद हमारा देश स्‍वतंत्र राज्‍य बना।

प्रश्न- 1947 से पहले 26 जनवरी को क्या कहा जाता था?

उत्तरः दुनिया के सबसे बड़े गणतंत्र का जश्न मनाकर हम स्वतंत्रता आंदोलन में अपने प्राणों की आहूति देने वाले वीर क्रांतिकारियों को नमन करते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि आजादी से पहले 26 जनवरी को ही स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाया जाता था। करीब 18 वर्ष तक 26 जनवरी को पूर्ण स्वराज दिवस (स्वतंत्रता दिवस) मनाया जाता रहा।

प्रश्न- गणतंत्र दिवस क्यों मनाया जाता है निबंध?

उत्तरः हर साल 26 जनवरी को भारत अपना गणतंत्र दिवस मनाता है क्योंकि इसी दिन भारत का संविधान लागू हुआ था। इसे हम सभी राष्ट्रीय पर्व के रुप में मनाते है और इस दिन को राष्ट्रीय अवकाश घोषित किया गया है। इसके अलावा गाँधी जयंती और स्वतंत्रता दिवस को भी राष्ट्रीय अवकाश घोषित किया गया है।

प्रश्न- 26 जनवरी 1930 को क्या हुआ था?

उत्तरः 26 जनवरी को इसलिए चुना गया था क्योंकि 1930 में इसी दिन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (आई० एन० सी०) ने भारत को पूर्ण स्वराज घोषित किया था। यह भारत के तीन राष्ट्रीय अवकाशों में से एक है, अन्य दो स्‍वतन्त्रता दिवस और गांधी जयंती हैं।

प्रश्न- समय के महत्त्व अथवा गणतंत्र दिवस पर पाँच वाक्यों में अनुच्छेद लिखिए?

उत्तरः 1. 26 जनवरी 1950 को भारत का संविधान पूर्ण रूप से लागू हो गया था। 2. भारत का संविधान विश्व का सबसे बड़ा लिखित संविधान है। 3. 26 जनवरी के दिन ही भारत को गणराज्य का सर्वोत्तम दर्जा प्राप्त हुआ। 4. 26 जनवरी के दिन दिल्ली में इंडिया गेट से राष्ट्रपति भवन तक परेड निकाली जाती है। 5. यह वह दिन है जब हमारा देश विश्व मानचित्र में गणतंत्र के रूप में स्थापित हुआ।

प्रश्न- आपके विद्यालय में 26 जनवरी कैसे मनाई जाती है पांच वाक्य लिखो?

उत्तरः प्रत्येक वर्ष 26 जनवरी को भारत का गणतंत्र दिवस मनाया जाता है। 26 जनवरी 1950 को भारतीय संविधान लागू किया गया था। दिल्ली में राजपथ से विजय चौक होते हुए राष्ट्रीय संग्रहालय पर एक विशाल परेड के साथ गणतंत्र दिवस मनाया जाता है। प्रत्येक विद्यालय में राष्ट्रीय गान “जन गण मन” गाया जाता है।

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