जल संरक्षण पर निबंध (Save Water Essay In Hindi)

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Ekta Ranga

जल संरक्षण पर निबंध (Save Water Essay In Hindi)- “मछली जल की रानी है, जीवन उसका पानी है। हाथ लगाओ डर जाएगी, बाहर निकालो मर जाएगी।” यह नर्सरी राइम बचपन में सुनने में बहुत अच्छी लगती थी। मछली को पानी की रानी कहा जाता है। आप उसे एक बार पानी से बाहर निकालकर देखो। आप देखोगे कि कैसे वह मछली बिन पानी के छटपटाने लगेगी। जब उस मछली का जीवन पूरी तरह से जल पर ही निर्भर है, तब वह बिन पानी के कैसे जिंदा रह पाएगी। जल के बगैर कोई भी जीवित नहीं रह सकता है। पानी जीवित प्राणियों के लिए ऑक्सीजन के समान ही है।

जल संरक्षण (Essay On Save Water In Hindi)

जब भी बारिश का मौसम आता तो नीता अपने घर में पड़े घड़ों को भरना नहीं भूलती। वह ऐसा हर साल किया करती थी। नीता को डर था कि आने वाले समय में धरती पर पानी आधे से ज्यादा घट जाएगा। नीता को हर बारिश के मौसम में पानी के घड़ों को भरता देख लोग उसका खूब मजाक उड़ाया करते थे। लेकिन उसने कभी भी लोगों की बात को बुरा नहीं माना। हर साल वह ऐसा करती गई। कई साल बाद नीता के गांव में भंयकर सूखा पड़ा। गांव में पानी के लिए हाहाकार मच गया। लेकिन नीता के उन पानी के घड़ों ने गाँव वालों के जीवन को बचा लिया। यह गाँव वालों का सौभाग्य था कि उन्हें नीता जैसी समझदार लड़की मिली। सभी ने नीता को भविष्यवादी सोच के लिए धन्यवाद दिया। यह काल्पनिक कहानी थी नीता की जिसने पानी को बहुत महत्व दिया। जरा सोचो क्या होता अगर नीता भी अन्य गाँव वालों की तरह पानी का संरक्षण नहीं करती।

जल संरक्षण पर निबंध (Water Conservation Essay In Hindi)

इस पोस्ट में हमने जल संरक्षण पर निबंध (Save Water Essay In Hindi) एकदम सरल, सहज और स्पष्ट भाषा में लिखने का प्रयास किया है। जल संरक्षण पर निबंध के माध्यम से आप समझ पाएंगे कि हमारे जीवन में जल का क्या महत्व है, जल संरक्षण क्या है, जल संरक्षण क्यों जरूरी है और जल संरक्षण कैसे किया जा सकता है। तो चलिए जल संरक्षण पर निबंध पढ़ना शुरू करते हैं।

प्रस्तावना

ऊपर दी गई कहानी में सच्चाई है। यह कहानी समाज को आईना दिखाती है। यह कहानी बताती है कि कैसे पानी का संरक्षण ना करने से एक गंभीर समस्या उत्पन्न हो सकती है। इस धरती पर अगर कुछ अमूल्य चीज है तो वह है जल। जल हीरे-जवाहरात से भी ज्यादा कीमती है। बिना जल के जीवन की कल्पना तक नहीं की जा सकती है। आपको सुबह उठते ही सबसे पहले जो चीज चाहिए वह पानी ही है। पानी जरूरत है हर इंसान के लिए।

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हमारी धरती पर 70% पानी है। पानी पर ही हमारा जीवन टिका हुआ है। लेकिन हम ही पानी के प्रति लापरवाह हैं। हम सभी मनुष्य पानी की कद्र नहीं करते हैं। हम सभी अपनी दैनिक दिनचर्या में पानी की बर्बादी करते हैं। इसका उदाहरण है- ब्रश करते वक्त, नहाते वक्त और कपड़े धोते वक्त। यह सभी काम करते समय हम पानी का बिल्कुल भी ख्याल नहीं रखते हैं। लेकिन क्या हमने कभी यह सोचा है कि पानी की ऐसी बर्बादी भविष्य में हमें किस मोड़ पर लेकर जाएगी। इस बात पर हमें विचार करना चाहिए।

जल का महत्व

क्या आप बता सकते हो कि इस पृथ्वी पर अगर कोई सबसे महत्वपूर्ण और कीमती चीज है तो वह क्या है? सभी का उत्तर भिन्न-भिन्न होगा। लेकिन क्या आपको पता है कि इस प्रश्न का सही उत्तर जल है। इस दुनिया में जितने भी जीव हैं वह सभी जल पर निर्भर हैं। जल से ही हमारा कल बनता है। जब ईश्वर ने इस सृष्टि की रचना की थी तो सबसे पहले वायु और पानी का निर्माण किया। बाद में इंसान अस्तित्व में आया। इंसान और जानवरों को शुरुआत से ही जल की आवश्यकता रही है। जल का इस्तेमाल कहां नहीं होता है? जल हमें खेती में चाहिए, पीने के लिए चाहिए, कपड़े धोने के लिए चाहिए, खाना पकाने के लिए चाहिए। हमें हर चीज में पानी की जरूरत महसूस होती है। सिर्फ मनुष्य ही नहीं बल्कि जानवरों और पेड़-पौधो को भी पानी चाहिए होता है।

जल संरक्षण क्या है?

संरक्षण का अर्थ होता है किसी चीज की रक्षा करना। जब हम किसी चीज की रक्षा करते हैं तो हम उसे संरक्षण की श्रेणी देते हैं। संरक्षण को अंग्रेजी में कंज़र्वेशन (Conservation) कहते हैं। आज के दौर में सोने से भी ज्यादा मंहगा है पानी। पानी का संरक्षण मतलब पानी की रक्षा करना होता है। पानी की बर्बादी कभी भी नहीं करनी चाहिए। जल को संरक्षित करना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण काम है। आज के औद्योगीकरण के बढ़ते दौर ने पानी के प्रति जागरूक होना बहुत आवश्यक हो गया है। हम अनेक तरीकों से जल संरक्षण कर सकते हैं। बस हमें यह प्रतिज्ञा लेनी है कि हम जल को बर्बाद होने से रोकें।

जल संरक्षण क्यों जरूरी है?

एक समय था जब धरती पर खूब सारा पानी हुआ करता था। क्योंकि उस समय जनसंख्या कम थी इसलिए पानी की कोई कमी भी नहीं थी। लेकिन जैसे-जैसे जनसंख्या बढ़ती गई, वैसे-वैसे पानी की कमी भी होती गई। लोगों को पानी की जरूरत हर काम में पड़ने लगी। हमारी धरती पर ऐसे तो खूब सारा पानी उपलब्ध है। लेकिन पीने योग्य पानी की मात्रा बहुत कम है। भूमि का जो मीठा जल है वह अब लगातार सूखता जा रहा है। बारिश के दौरान जो पानी धरती पर गिरता है वह हम सभी के लिए बहुत आवश्यक होता है। हमें बारिश के पानी का संरक्षण करना चाहिए। आगे भविष्य में लोगों को सूखे का सामना करना पड़ेगा। इसलिए अगर अभी से पानी की बचत की जाएगी तो भविष्य में यह बहुत काम आएगा। एक-एक बूंद से घड़ा भरता है। जल की एक बूंद भी बहुत कीमती है।

जल संरक्षण के उपाय

(1) जल के बचाव के लिए हमें वर्षा के पानी को अपने घर में स्टोर करना चाहिए।

(2) हमें नहाते समय नल की बजाय बाल्टी का प्रयोग करना चाहिए।

(3) जब हम ब्रश कर रहे हों, तो यह ध्यान में रहे कि हमें नल खुला नहीं छोड़ना है।

(4) देश की सरकार को यह करना चाहिए कि वह जल संरक्षण पर कड़ा कानून तैयार करे।

(5) हम जब भी कभी बाहर जाएं और वहां हमें किसी भी वाटर कूलर पर पानी बहता दिखे तो उसे हमें तुरंत ही बंद कर देना चाहिए।

(6) हमें बर्तन धोते समय यह एहतियात बरतना होगा कि हम सीधे नल के नीचे बर्तन ना धोकर एक बड़े टब में बर्तन धोएं।

(7) हम कपड़े बाल्टी में धो सकते हैं। और फिर कपड़ो का बचा हुआ पानी हम दूसरे काम में उपयोग में ले सकते हैं।

(8) खेतीबाड़ी और बागवानी में जल संरक्षण के लिए ड्रिप सिंचाई सबसे उपयुक्त तरीका है।

पानी पर प्रसिद्ध शायरी

ये पानी ख़ामोशी से बह रहा है
इसे देखें कि इस में डूब जाएँ
– अहमद मुश्ताक़

ऐसी प्यास और ऐसा सब्र
दरिया पानी पानी है
– विकास शर्मा राज़

संगति भई तो क्या भया, हिरदा भया कठोर
नौनेजा पानी चढ़ै, तऊ न भीजै कोर
– कबीर

तुम अपने दरिया का रोना रोने आ जाते हो
हम तो अपने सात समुंदर पीछे छोड़ आए हैं
– सईद क़ैस

खींच लाई है तिरे दश्त की वहशत वर्ना
कितने दरिया ही मिरी प्यास बुझाने आते
– रम्ज़ी असीम

कौन बड़ाई जलधि मिलि, गंग नाम भो धीम
केहि की प्रभुता नहिं घटी, पर घर गए ‘रहीम’
– रहीमदास

दोनों चश्मों से मेरी अश्क बहा करते हैं
मौजज़न रहता है दरिया के किनारे दरिया
– वज़ीर अली सबा लखनवी

जल पर बहादुर पटेल की कविता

बूंदों के बीच प्यास

बूँद-बूँद टपकता पानी
रात में ऐसा संगीत
सन्नाटे की छाती पर टपकता
बूँदों के गिरने के अंतराल से
गिरता हूँ अथाह सागर में
ये मद्धिम ध्वनि बूँदें
जीवन की प्रतिध्वनि
गिरती हैं द्वंद्व के साथ
जगाती हुईं भीतर बीज
तोड़ती कवच बाहर निकलने के लिए
यह बूँदों की आवाज़
जिसके बीच से आती आवाज़
जैसे आती है सपनों के बीच से
जागते रहने की आवाज़
बूँदों के बीच है प्यास
कुएँ की जगत से देखें
इतना गहरा और सूखा
जिसमें सूझता न हो कुछ
बूँदों के संलाप से है जीवित
समुद्र का विराट साम्राज्य
और यह दुनिया।।

जल संरक्षण पर निबंध 200 शब्दों में

जल से हमारा कल बनता है। यह मशहूर कथन किसी महान व्यक्ति द्वारा कहा गया था। वाकई में, जल हमारे लिए सबसे कीमती चीज में से एक है। आज अगर जितनी जरूरत हमें ऑक्सीजन की रहती है ठीक उतनी ही जरूरत हमें पानी की भी रहती है। पानी हमारी प्यास बुझाकर हमें जिंदा रखता है। बिना पानी के हम एक पल भी जिंदा नहीं रह सकते हें। जब से धरती पर जनसंख्या बढ़ती गई, तब से पानी की मांग भी ज्यादा बढ़ने लगी।

पानी की किल्लत हमें गर्मियों के मौसम में ज्यादा झेलनी पड़ती है। आज के दौर में हकीकत यह है कि पानी सोने से भी ज्यादा मंहगा है। हालांकि अभी लोगों को ऐसा लग नहीं रहा है। लेकिन जल्द ही वह पानी की असल कीमत समझने वाले हैं। पुराने समय में जल की मात्रा अधिक थी। लेकिन अब 21वीं शताब्दी में पानी का स्तर लगातार घट रहा है। वैज्ञानिकों के अनुसार धरती पर केवल 3% ही पीने लायक पानी है। आज हमें जल संरक्षण के लिए बहुत ज्यादा जागरूक होना पड़ेगा। हम सभी को यह संकल्प लेना होगा कि हम ज्यादा से ज्यादा पानी बचाएं।

जल संरक्षण पर 10 लाइनें

(1) जल से ही हमारा कल बनता है। जल हमारे लिए जीवन है।

(2) भगवान द्वारा दिया गया अगर कोई अनमोल उपहार है तो वह जल ही है।

(3) हमें हर काम के लिए पानी की जरूरत पड़ती है। जैसे कि कपड़े धोना, पानी पीना, नहाना, बर्तन धोना आदि।

(4) हमें हमारे बच्चों को पानी को संरक्षित करने की शिक्षा देनी चाहिए। ऐसा करना हमारे आने वाले कल के लिए बहुत अच्छा है।

(5) हमें यह ध्यान रखना चाहिए कि हम ब्रश करते वक्त बेवजह पानी बर्बाद ना करें।

(6) हमें हमारी नदियों और तालाबों को साफ सुथरा रखना चाहिए।

(7) जल हमारे लिए ऑक्सीजन के समान ही महत्वपूर्ण है।

(8) हमारी धरती पर केवल 3% पीने योग्य पानी है।

(9) जल की एक बूंद भी बहुत कीमती है।

(10) जल का संरक्षण करना हमारी आदत में शुमार हो जाना चाहिए।

FAQs
प्रश्न 1. जल संरक्षण की आवश्यकता क्यों है?

उत्तर- जल संरक्षण की जरूरत बहुत ज्यादा है। बिना जल के हम जीवन की कल्पना भी नहीं कर सकते हैं। हमें बारिश के पानी का संरक्षण करना चाहिए। आगे भविष्य में लोगों को सूखे का सामना करना पड़ेगा। इसलिए अगर अभी से पानी की बचत की जाएगी, तो भविष्य में यह बहुत काम आएगा।

प्रश्न 2. जल संरक्षण किसे कहते हैं?

उत्तर- संरक्षण का अर्थ होता है किसी चीज की रक्षा करना। जब हम किसी चीज की रक्षा करते हैं तो हम उसे संरक्षण की श्रेणी देते हैं। संरक्षण को अंग्रेजी में conservation कहते हैं। आज के दौर में सोने से भी ज्यादा मंहगा है पानी। पानी का संरक्षण मतलब पानी की रक्षा करना होता है।

प्रश्न 3. हमारी धरती पर पीने योग्य कितना पानी है?

उत्तर- हमारी धरती पर केवल 3% ही पीने योग्य पानी है। बाकी धरती पर समुद्र के रूप में खारा पानी मौजूद है।

प्रश्न 4. पानी के चार स्रोत के नाम बताइए?

उत्तर- नदियों, झीलों, झरनों व तालाबों का जल तथा भौम जल को ही पानी के चार स्रोत कहा जाता है।

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