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विद्यार्थी जीवन पर निबंध (Student Life Essay In Hindi)

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PP Team
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हम सभी के जीवन का विद्यार्थी जीवन (Student Life) वाला पड़ाव सबसे अहम पड़ाव होता है, क्योंकि यहीं से हम सही और गलत में पहचान करना सीख पाते हैं। जिंदगी में उतार-चढ़ाव की शुरुआत भी विद्यार्थी जीवन से ही होने लगती है। विद्यार्थी जीवन में एक विद्यार्थी का मार्गदर्शन करने में उसके गुरु की सबसे बड़ी भूमिका होती है। विद्यार्थी जीवन में हमारा एक सच्चा मित्र भी ज़रूर बनता है जो हमारे हर सुख-दुख का साथी होता है। विद्यार्थी जीवन में हम पढ़ाई, अनुशासन और समय का महत्त्व सीखते हैं साथ ही खेल-कूद और मौज-मस्ती भी करते हैं।

प्रस्तावना

एक कहावत है कि हर विद्यार्थी अपने जीवन में कामयाब इंसान नहीं बनता लेकिन हर कामयाब इंसान अपने जीनव में विद्यार्थी ज़रूर बनता है। अगर आपने अपने जीवन का लक्ष्य निर्धारित कर लिया है और आप उसको लेकर दृढ़निश्चयी हैं, तो आप इस कहावत को झूठा भी साबित कर सकते हैं। विद्यार्थी जीवन संघर्ष से भरा हुआ होता है। विद्यार्थी को शिक्षा प्राप्त करने के लिए लगातार कठिन परिश्रम करना पड़ता है। एक विद्यार्थी का जीवन तीन साल की उम्र से ही शुरू हो जाता है और कई सालों तक चलता है।

विद्यार्थी जीवन की भूमिका

विद्यार्थी दो शब्दों से मिलकर बना है, विद्या+अर्थी जिसका अर्थ है विद्या प्राप्त करने वाला इच्छुक व्यक्ति। विद्यार्थी जीवन में छात्र को सही-गलत के बारे में सिखाया जाता है ताकि वो बड़ा होकर सही-गलत की पहचान कर सके। विद्यार्थियों को अनुशासन में रहने के साथ-साथ छोटे-बड़ों से कैसे बात करनी है, ये भी सिखाया जाता है। विद्यार्थी को अपने माता-पिता और गुरु का आदर करना चाहिए।

जब किसी विद्यार्थी के परीक्षा में अच्छे नंबर/अंक आते हैं, तो सबसे ज्यादा खुश उनके माता-पिता और गुरु होते हैं और उनका सर गर्व से ऊंचा हो जाता है। पहले विद्यार्थियों को शिक्षा प्राप्त करने के लिए गुरुकुल में भेजा जाता था। लेकिन बाद में शिक्षा सभी के लिए अनिवार्य कर दी गई और नए-नए स्कूलों का निर्माण किया गया। जिससे अब बच्चों को पढ़ने के लिए घर से दूर नहीं जाना पड़ता।

आज शिक्षा को अधिक महत्व दिया जाने लगा है। यही कारण है कि आज के विद्यार्थियों को परीक्षा में नंबर लाने का बोझ और कैरियर बनाने के लिए बहुत कठिनाइयों से लड़ना पड़ता है। ऐसे में विद्यार्थियों को सही मार्गदर्शन की जरूरत होती है। अगर उन्हें सही समय पर मार्गदर्शन के साथ-साथ उनकी पसंद के विषय से रूबरू करवाया जाए, तो वो निश्चय ही सफल होंगे। विद्यार्थी को चाहिए कि वह अपनी रुचि के अनुसार विषय को चुनें ताकि वो खुश होकर पढ़ सकें। उन्हें इस तरह की शिक्षा व्यवस्था की सुविधा करनी चाहिए जिससे उन्हें पढ़ाई बोझ ना लगे।

विद्यार्थी जीवन का महत्व

विद्यार्थी जीवन का समय किसी भी इंसान के जीवन का सबसे अधिक महत्वपूर्ण और उत्साह से भरा हुआ समय होता है। विद्यार्थी जीवन का यही समय उसके भविष्य का निर्माण करता है। विद्यार्थी को चाहिए कि वो इस समय का भरपूर प्रयोग करें ताकि उसे भविष्य में निराशा न झेलनी पड़े। विद्यार्थियों को अपने विद्यार्थी जीवन में हर एक कदम को काफी सोच-समझकर उठाना चाहिए। इसलिए विद्यार्थी जीवन का अपना अलग ही महत्व है।

विद्यार्थी के जीवन में समय का बहुत महत्व होता है। विद्यार्थी अपने छात्र जीवन में शिक्षा के महत्व को सही प्रकार से समझता है। जब कोई विद्यार्थी विद्यालय में दाखिला लेता है, तो उसका मुख्य उद्देश्य ज्ञान अर्जित करना होता है। जब छात्र विद्यालय जाता है, तो वहां पर उसे नए शिक्षक, नए दोस्त के साथ-साथ बहुत सारे सहपाठी भी मिलते हैं। विद्यालय में एक स्वच्छ वातावरण मिलता है जहां पर वो अध्ययन करते हैं।

एक विद्यार्थी के मन में रोज नए-नए विचार उत्पन्न होते हैं। ये विचार सकारात्मक और नकारात्मक दोनों ही प्रकार के हो सकते हैं। एक विद्यार्थी से उम्मीद की जाती है कि वो सकारात्मक ज्ञान को ग्रहण करे और नकारात्मक विचार या भाव को त्याग दे। अगर वो नकारात्मक भाव को स्वीकार करते हैं, तो उन्हें आने वाले समय में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। विद्यार्थी जीवन के महत्व से जुड़े कुछ बिंदुओं का उल्लेख नीचे किया गया है–

अध्ययन करने का सबसे अच्छा समय–

विद्यार्थी जीवन ही ऐसा समय होता है जहां पर आप तनाव मुक्त सहकर अध्ययन कर सकते है। विद्यालयों, विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों में छात्र पढ़ने के लिए जाते हैं, तो उनके ऊपर कमाई और नौकरी का सबसे ज्यादा तनाव रहता है। इसलिए छात्रों को चाहिए कि वो विद्यार्थी जीवन यानी कि पांचवी या सातवीं क्लास से ही तनाव रहित होकर पढ़ाई करें।

विद्यार्थियों पर अनुशासन का महत्व–

विद्यार्थी के जीवन में अनुशासन का काफी महत्व होता है। एक छात्र तभी सफल हो सकता है जब वह अनुशासन में रहकर पढ़ाई करेगा। अगर व्यक्ति अनुशासन में रहकर पढ़ाई करता है,,तो वह एक दिन निश्चित ही सफल हो जाएगा और आने वाले समय में वह सुखद जिंदगी जिएगा। अगर वही व्यक्ति अनुशासनहीनता को अपनाता है, तो उसे जिंदगी भर हमेशा कठिनाइयों से ही सामना करना पड़ेगा।

विद्यार्थियों का कर्तव्य-

विद्यार्थी जीवन का पहला कर्तव्य होता है अच्छे से पढ़ाई करके अपने परिवार की देखभाल करना।

विद्यार्थी जीवन में खेलों का महत्व–

विद्यार्थी जीवन में खेलों का बहुत अधिक महत्व होता है। विद्यार्थी जीवन ही ऐसा समय होता है जहां पर विद्यार्थी तरह-तरह के खेल सीख सकते हैं। ऐसे में जरूरत होती है उन्हें सही दिशा-निर्देश की। अगर उन्हें खेल के क्षेत्र में सही से आगे बढ़ाया जाए, तो छात्र बहुत आगे जायेंगे। स्कूलों और कॉलेजों में चाहिए कि खेल से संबंधित टीचर को रखें ताकि विद्यार्थी अपने मन पसंद खेल के बारे में उनसे बात कर सकें और वो अपने मन पसंद खेल के करियर क्षेत्र में कहां से शुरुआत करें, कैसे आगे बढ़ें आदि ये सारी जानकारी उन्हें देने की जरूरत है।

सफल बनने के लिए सबसे महत्वपूर्ण विद्यार्थी जीवन–

विद्यार्थी जीवन एक ऐसा जीवन होता है जहां आप एक बेहतर इंसान बन सकते हैं। गुरु और माता–पिता की आज्ञा का पालन करके अगर वो सही से पढ़ाई करें, तो वो किसी भी क्षेत्र में जैसे सरकारी नौकरी, बिजनेस, इंजीनियर आदि अच्छे पद पा सकते हैं और अपने आने वाले समय में बेफिक्र हो कर आराम की जिंदगी जी सकते हैं।

विद्यार्थी जीवन कैसा होना चाहिए?

एक विद्यार्थी को अपनी दिनचर्या में, अपने व्यवहार, कार्यशैली और अपने दिमाग पर संतुलन रखना चाहिए। विद्यार्थी जीवन में आप संस्कार की भाषा बोलना सीखते हैं। विद्यार्थी जीवन को हमेशा स्वतंत्र होकर जीना चाहिए। विद्यार्थी को अपने जीवन के कुछ सुनहरे पलों को खुल कर जीना चाहिए। कुछ विद्यार्थी खेल में भाग लेने व गुरुओं से अपने सवालों से संबंधित समस्याएं को पूछने से भी घबराते हैं परंतु एक विद्यार्थी को ऐसा नहीं होना चाहिए, वह अपनी बात दिल खोलकर बोल सकता है। विद्यार्थियों में हमेशा उत्साह के साथ पढ़ाई करने का जज्बा होना चाहिए।

स्कूल में हमारे द्वारा किए गए छोटे-छोटे हंसी-मजाक, मस्ती, लड़ाई जैसी चीजें उम्र भर के लिए यादें बन कर रह जाती हैं। हमें अपने विद्यार्थी जीवन में किसी भी तरह का फैशन नहीं करना चाहिए तथा स्कूल द्वारा दिए गए यूनिफॉर्म को ही इस्तेमाल करना चाहिए। स्कूल द्वारा दिए गए सभी नियमों का पालन करना चाहिए। विद्यार्थी जीवन प्रतिस्पर्धा का समय होता है, ऐसे में हर छात्र एक दूसरे से आगे बढ़ना चाहते हैं जिसके लिए वो सभी खूब मेहनत भी करते हैं।

लेकिन हर बच्चा टॉप नहीं कर सकता है इस बात को भी छात्रों को स्वीकार करना चाहिए। हमें अपने विद्यार्थी जीवन को समझदारी के साथ जीने की जरूरत है। विद्यार्थी जीवन में हमें बुरी चीजों से दूर रहना चाहिए। विद्यार्थी जीवन में छात्रों को सबसे ज्यादा स्वास्थ्य पर ध्यान देने की जरूरत होती है। विद्यार्थी को खेल के साथ-साथ रोज व्यायाम भी करना चाहिए। एक विद्यार्थी को कुछ घंटे मनोरंजन के लिए भी समय निकालना चाहिए ताकि उनका दिमाग़ ठीक रहे और वह सही से पढ़ाई कर सकें। विद्यार्थी को हमेशा अपने समय का सदुपयोग करना चाहिए।

आदर्श विद्यार्थी के गुण

हमारे देश का भविष्य आज की युवा पीढ़ी पर निर्भर करता है। यही विद्यार्थी बाद में युवा बनेंगे जो देश को ऊंचाई पर पहुंचाने का काम करते हैं। विद्यार्थी जीवन में कई तरह के विद्यार्थी होते हैं, एक जो लगातार मेहनत करके पढ़ाई करते हैं और आगे बढ़ते हैं। लेकिन वहीं दूसरी तरफ ऐसे भी विद्यार्थी होते हैं जो सिर्फ मौज मस्ती में ही अपना टाइम खराब कर देते हैं और बाद में उनके हाथ निराशा ही लगती है। आदर्श विद्यार्थियों के गुण निम्नलिखित हैं-

  • एक विद्यार्थी को समय का सही उपयोग करना चाहिए।
  • विद्यार्थी को हमेशा अनुशासन का पालन करना चाहिए।
  • विद्यार्थी को छोटे-बड़ों के साथ-साथ माता-पिता का आदर और उनके द्वारा दिए गए आदेशों का पालन करना चाहिए।
  • छात्र में मदद करने की भावना जरूर होनी चाहिए।
  • छात्र में जिज्ञासा होनी चाहिए।
  • खेल कूद का महत्व विद्यार्थी जीवन में बहुत अधिक होता है।
  • विद्यार्थी में संयम होना चाहिए।
  • अच्छे विद्यार्थी में दिए गए आज के काम को आज ही कर लेने का गुण अवश्य होना चाहिए।
  • अच्छे विद्यार्थी को खुद पर भरोसा रखना चाहिए।
  • विद्यार्थी में प्रश्न करने का मनोबल होना चाहिए।

विद्यार्थी के लिए समय का महत्व

समय बहुत कीमती है और हमें इसे किसी भी तरह से खराब नहीं करना चाहिए और खासकर विद्यार्थियों को। एक बार जो समय चला जाता है वह कभी लौटकर नहीं आता है। समय दुनिया की सबसे अनमोल चीज है जिसका उपयोग हमें अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए करना चाहिए। विद्यार्थियों को अपने कार्य और समय पर विशेष ध्यान देना चाहिए। विद्यार्थियों को चाहिए कि वह अपना कार्य निर्धारित समय पर पूरा करें।

विद्यार्थी को खाली समय में अपने बड़ों से इतिहास, समाज, देश आदि के बारे में जानना चाहिए इससे उनकी मानसिक शक्ति का विकास होगा। आज शिक्षा को बेचा जाने लगा है। बड़े-बड़े प्राइवेट स्कूलों का निर्माण होने से गरीब घर के बच्चों में एक निराशा की लहर दिखाई देने लगी है। उन्हें लगता है कि वह प्राइवेट स्कूलों में जाने वाले छात्रों से कम शिक्षित हैं।

ऐसे में उनके माता और पिता को सही समय पर राह दिखानी चाहिए कि एक दिन वो भी सरकारी स्कूलों में पढ़कर प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों से भी आगे जा सकते हैं। इसलिए कभी भी शिक्षा को छोटा या बड़ा ना समझें। शिक्षा सबके लिए समान होती है, बस जरूरत होती है उसे सही समय पर सही तरीके से इस्तेमाल करने की। विद्यार्थियों के लिए समय के महत्व से संबंधित कुछ आवश्यक बातें निम्नलिखित हैं–

  • विद्यार्थियों को धन की जगह शिक्षा को महत्व देना चाहिए।
  • विद्यार्थी को कभी भी गलत तरीके से अपने समय को बर्बाद नहीं करना चाहिए।
  • माता-पिता को अपने बच्चों को बचपन से ही समय के महत्व के बारे में बताना चाहिए।
  • उन्हें यह पता होना चाहिए कि समय किसी के लिए रुका नहीं रहता है। इसलिए आपको समय के साथ हमेशा चलते रहना चाहिए।
  • समय रहते ही विद्यार्थियों को अपना कार्य पूरा कर लेना चाहिए।
  • विद्यार्थी जीवन के छात्रों को यह समझना होगा कि सफलता के लिए मेहनत और समय दोनों का महत्व होता है।

विद्यार्थी का लक्ष्य

किसी भी विद्यार्थी का पहला लक्ष्य होता है सही से पढ़ाई करना, जिंदगी में एक नया और ऊंचा मुकाम हासिल करना, जिससे उनका और उनके परिवार का नाम ऊंचा हो। विद्यार्थियों को इन लक्ष्यों को पूरा करने के लिए उन्हें विभिन्न बातों का ध्यान रखना चाहिए–

  • लक्ष्य को पूरा करने के लिए विद्यार्थी समय निकाल कर पढ़ाई करें।
  • विद्यार्थी को अपने स्वास्थ्य का भी ध्यान रखना चाहिए।
  • विद्यार्थी को चाहिए कि वो अपने लक्ष्य प्राप्त करने के लिए किसी अपने से बड़े व्यक्ति की सलाह लें।
  • विद्यार्थियों को चाहिए कि अपने लक्ष्य को पूरा करने के लिए समय का सही पालन करें।
  • विद्यार्थियों को चाहिए कि वो अपने लक्ष्य को पाने का संकल्प करें और नियंत्रण प्रयास करते रहें जब तक लक्ष्य हासिल ना हो जाए।
  • विद्यार्थियों को खेल आदि जैसे कार्यक्रमों में भाग लेना चाहिए।
  • विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सहनशक्ति का प्रयोग करना चाहिए।
  • आपको किस दिशा में जाना है इसका सही ज्ञान होना चाहिए।
  • विद्यार्थियों को चाहिए कि वह अपनी समस्याओं को खुद से सुलझाएं।
  • अपने लक्ष्य से संबंधित नई खोज के बारे में जानकारी इकट्ठा करें।
  • अपने लक्ष्य से संबंधित नया तथ्य क्या है, ये पता करें।
  • विद्यार्थी को लक्ष्य से जुड़े प्रशिक्षण, कार्यक्रमों आदि में बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए।

विद्यार्थियों का तप क्या है?

विद्यार्थियों का विद्या के लिए अध्ययन करना भी एक तप है। विद्या से उन्हें ज्ञान की प्राप्ति होती है। जीवन में मिलने वाली सफलता को विद्यार्थी जीवन से ही रखा जाता है। विद्यार्थी भविष्य में क्या करने वाले हैं इसकी पटकथा विद्यार्थी जीवन में ही तय कर ली जाती है। विद्यार्थी तप इसलिए भी करता है ताकि उसे अच्छी नौकरी मिले। उसके पास अच्छा और बड़ा घर हो। विद्यार्थी अपने जीवन में दुनिया की सारी सुख सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए कठिन परिश्रम करके पढ़ाई करता है ताकि उन्हें यह सारी सुविधाएं आसानी से मिल जाएं।

विद्यार्थी जीवन का उद्देश्य

विद्यार्थी जीवन का मुख्य उद्देश्य होता है ज्ञान अर्जित करना। ऐसे में विद्यार्थियों को चाहिए कि उन्हें जहां से भी जो ज्ञान मिले उसे ग्रहण करने के साथ-साथ उसे अपने सहपाठियों में भी बांटे। इससे उन्हें और भी बातों का पता चलेगा। विद्यार्थी जीवन का मन बहुत चंचल होता है। वह अपने आसपास की दिखने वाली चीजों की तरफ जल्दी आकर्षित हो जाते हैं। ऐसे में उन्हें चाहिए कि वो किसी भी चीज का पहले पूरा ज्ञान हासिल कर लें, तभी उस चीज के बारे में कुछ कहें या उस पर अपनी प्रतिक्रिया दें। जो बच्चे अपने घर से दूर रहकर पढ़ाई करते हैं, उन्हें इन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए कि वह समय का सदुपयोग करें ताकि उन्हें जल्द ही सफलता मिल सके।

निष्कर्ष

आखिर में निष्कर्ष के तौर पर हम ये कह सकते हैं कि विद्यार्थी जीवन में एक विद्यार्थी को बहुत से अनुभव होते हैं, जैसे वह जागरूक और सक्रिय रहते हुए सभी चीज़ों का ध्यान रखना सीख जाते हैं, उन्हें समय प्रबंधन करना आ जाता है और वह अपने जीवन का लक्ष्य भी निर्धारित कर लेते हैं। एक विद्यार्थी को विद्यार्थी जीवन खुलकर जीना चाहिए, क्योंकि ये जीवन फिर कभी लौटकर नहीं आता।

  1. विद्यार्थी को हमेशा अपने गुरु की आज्ञा का पालन करना चाहिए, बड़ों का आदर और छोटे से प्यार करना चाहिए।
  2. विद्यार्थियों को चाहिए कि वो किताबी ज्ञान के अलावा भी अपने आसपास से जुड़ी चीजों के बारे में सीखें।
  3. एक विद्यार्थी को खेल, गाने, डांस अथवा अपनी रुचि के अनुसार किसी एक विषय का चयन करके उसमें भाग लें।
  4. विद्यार्थी को ज्यादा से ज्यादा पढ़ाई पर ध्यान देना चाहिए ताकि पेपर में उनके अच्छे अंक आ सके।
  5. एक विद्यार्थी से यह अपेक्षा की जाती है कि वो शांत स्वभाव का हो।
  6. अच्छे विद्यार्थी को चाहिए कि उसे जहां से भी शिक्षा मिले उसे ग्रहण करें।
  7. विद्यार्थियों को शुरू से सिखाया जाना चाहिए कि वो सबकी मदद के लिए हमेशा तत्पर रहें।
  8. विद्यार्थी को हमेशा सजग रहना चाहिए ताकि उनसे कोई भी चीज छूट ना जाए।
  9. हर काम में विद्यार्थियों को हमेशा सबसे आगे होना चाहिए।
  10. विद्यार्थी को कभी भी अभद्र भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
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