खेल पर निबंध (Sports Essay In Hindi)

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Ekta Ranga

खेल पर निबंध (Sports Essay In Hindi)- अभी हाल ही में मैंने यह देखा कि हमारे पड़ोस का एक छोटा बच्चा एकाएक मोबाइल पर खेलते हुए गिर पड़ा। ना जाने क्या हो गया था उसे अचानक से। हॉस्पिटल में जांच के बाद पता चला कि उसे शुगर हो गई थी। शुगर के चलते ही उसे चक्कर आ गये थे। उसके परिजनों ने जब कम उम्र में शुगर का कारण पूछा तो डॉक्टर ने बताया कि खराब जीवनशैली के चलते ही उसे शुगर हो गई थी। उस बच्चे का खानपान भी बहुत खराब था। लेकिन क्या यह हाल सिर्फ एक ही बच्चे का है।

खेल पर निबंध (Essay On Sports In Hindi)

आजकल के सारे बच्चों का यही हाल है। आज के समय में आए दिन बच्चों में अनेकों बीमारियां देखने को मिल रही हैं। बीपी, शुगर, हाइपरटेंशन, दिल की बीमारी आदि जैसी अनेकों बीमारियां देखने को मिल रही हैं। कुल मिलाकर हम आज जहां देखें वहां हमें बीमारियां देखने को ही मिलेंगी। आज के समय में हर एक बच्चे की जीवनशैली लगभग खराब हो रही है। कोई भी बाहर खेलना पसंद नहीं करता है। सभी को केवल एक मोबाइल चाहिए। मोबाइल पर खेलना ही सभी बच्चों का प्रिय खेल बन गया है।

खेल पर निबंध

आज बड़ों को अपने बच्चों का ख्याल ही नहीं रहा है। आज बड़े खुद भी अपने आप में ही उलझे रहते हैं। बड़ों को यह पता ही नहीं चलता कि उनके बच्चे मोबाइल और टीवी के जाल में हद से ज्यादा उलझ चुके हैं। बच्चे शारीरिक गतिविधि करना भूल गए हैं। जबकि शारीरिक कसरत करना बहुत ज्यादा जरूरी है। जब तक हम शारीरिक व्यायाम नहीं करते हैं तब तक हमारा स्वस्थ रहना मुमकिन नहीं है।

प्रस्तावना

आज से सौ साल पहले लोगों की दिनचर्या एकदम अलग हुआ करती थी। उस समय लोगों के जीवन में टीवी का आगमन नहीं हुआ था। जैसे हम आज के समय में मोबाइल के जरिए संदेश पहुंचाते हैं, तो उस समय में खत के माध्यम से संदेश पहुंचाए जाते थे। डाकिया साइकिल द्वारा खत पहुंचाता था। साइकिल से खत पहुंचाने का फायदा यह रहता कि उस डाकिए के शरीर की अच्छी कसरत हो जाती थी। यही नहीं, पहले के समय में पैदल आने जाने का दौर भी था।

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उस समय आज के जैसी टैक्सियां नहीं हुआ करती थीं। लोग थोड़ी-बहुत दूर जाने के लिए पैदल चलना पसंद करते थे। पैदल चलना भी शारीरिक व्यायाम की श्रेणी में गिना जाता है। हम ऐसे समय को स्वर्णिम युग कह सकते हैं। लेकिन आज 21वीं शताब्दी में सब कुछ बदल गया है। आज हमारा जीवन बहुत ज्यादा आरामदायक बन गया है। आज हमारे शरीर को मशीन की आदत पड़ चुकी है। मशीन ने हमें बहुत ज्यादा सुस्त बना दिया है। आज हम एक पल के लिए भी बगैर मोबाइल के नहीं रह सकते हैं।

खेल का महत्व

“खेल सिखाता है कि आप कैसे हार-जीत के साथ संघर्ष करें और जीवन में निरंतरता बनाए रखें।” यह कथन मिल्टन जॉर्डन के द्वारा कहा गया था। सही कहा था मिल्टन जॉर्डन ने। खेल से हमारे संपूर्ण व्यक्तित्व का विकास होता है। खेल हमें जीवन में हर प्रकार की परिस्थितियों से लड़ना सिखाता है। जितना महत्वपूर्ण हमारे लिए ऑक्सीजन है, उतने ही महत्वपूर्ण हैं हमारे लिए खेल। आज हर एक बच्चे के लिए खेल अति आवश्यक चीज है। खेल हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बहुत ज्यादा मजबूत बनाने में मदद करता है। खेल से हमारे शरीर के अंदर स्फूर्ति बनी रहती है। खेल से संपूर्ण व्यक्तित्व का विकास होता है। खेल हमें सकारात्मक उर्जा प्रदान करते हैं।

भारत का सबसे पुराना खेल कौन-सा है?

खेल हमेशा से लोगों के जीवन का हिस्सा रहे हैं। हर युग में अलग-अलग प्रकार के खेल विकसित होते गए। भारत का सबसे पुराना खेल कौन-सा है, यह सोचने वाली बात है। शायद कोई कहेगा कि चौसर भारत का सबसे पुराना खेल था। तो कोई कहेगा कि घुड़सवारी भारत का प्राचीन खेल है। खैर सभी की अपनी-अपनी राय है। लेकिन बहुत से लोगों का यह मत है कि कुश्ती भारत का सबसे प्राचीन खेल है। कहते हैं कुश्ती का खेल भारत से प्रसिद्ध होकर पूरी दुनिया में प्रसिद्ध हो गया। प्राचीन समय में कुश्ती को मल्लयुद्ध के नाम से जाना जाता था। इतिहासकारों की मानें तो मल्लयुद्ध पांच हजार साल पहले शुरू हुआ होगा। कुश्ती का एक नियम होता है कि वह हमेशा दो लोगों के बीच खेला जाता है। कुश्ती में दोनों हाथों का इस्तेमाल किया जाता है। कुश्ती आज भी सबसे प्रचलित खेलों में से एक है।

हमारे जीवन में खेल के फायदे

(1) खेल शरीर को चुस्त-दुरुस्त रखता है- हमें अपने जीवन में हर प्रकार के खेल खेलने चाहिए। खेल से हमारा स्वास्थ्य सही बना रहता है। नियमित खेलने से हमारे शरीर की हर तरह की बीमारी दूर होती है। आज के समय में अनेक रोग पनप रहे हैं। लेकिन खेलकूद से हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता और उपापचय सही बनता है। खेल से हम सभी चुस्त-दुरुस्त रहते हैं।

(2) खेल हमारे दिमाग को तेज बनाता है- खेल से हमारा दिमाग बहुत तेज बनता है। आप इसका सबसे अच्छा उदाहरण शतरंज के खेल से सीख सकते हैं। शतरंज का खेल हमारे दिमाग को तेज बनाता है।

(3) खेल दिमाग के तनाव को कम करता है- खेल हमारे दिमाग के तनाव को कम करता है। अनेक प्रकार के खेल खेलने से हमारे दिमाग को शांति का आभास होता है। खेल से हमारा मन और दिमाग प्रफुल्लित रहता है।

खेल पर प्रसिद्ध अनमोल वचन

(1) “असली प्रतिभा उनके कंधों से ऊपर थी और गर्मी ने हॉकी को शतरंज के खेल के रूप में माना।” – मेजर ध्यानचंद

(2) “गुणों वाले व्यक्ति के लिए कड़ी मेहनत, इच्छा शक्ति और समर्पण की सीमा है, आकाश।” – मेजर ध्यानचंद

(3) “खेल हमारी जान है, स्वास्थ्य की श्रेष्ठ भाग्यशाली यात्रा है।” – मिल्टन जॉर्डन

(4) “खेल में हार-जीत तो होती रहती है, लेकिन महत्वपूर्ण बात यह है कि आप कैसे खेलते हैं।” – सचिन तेंदुलकर

(5) “खेल का महत्वपूर्ण होना उसकी महत्वपूर्णता के कारण है, न कि उसके परिणाम के कारण।” – पेले

(6) “खेल एक समर्पण और मेहनत का परिणाम है, और उसका फल आपके प्रयासों का परिणाम होता है।” – महेंद्र सिंह धोनी

(7) “खेल में न केवल जीतने का मामूल्य होता है, बल्कि प्रत्येक क्रिकेटर को खेलने का आनंद लेना चाहिए।” – विराट कोहली

खेल पर प्रकाश मनु की कविता

खेलकूद की आजादी

हमें चाहिए, अजी चाहिए-
खेल-कूद की आजादी!

बोर करो मत पापा जी अब
हमको टोको ना,
क्रिकेट खेलेंगे दिन भर अब
हमको रोको ना।
खेल नहीं तो जीवन भी है
फीका-कितना फीका,
बिना खेल के अजी जायका
बिगड़ा है अब जी का!

बहुत सहा है, नहीं सहेंगे
अब हम कोई बंधन,
खेल नहीं तो पढ़ने में भी
कहाँ लगेगा मन!

खेल-कूद से ही आती है
हिम्मत कुछ करने की,
मुझे बताया करती थी यह
हँस-हँस प्यारी दादी।
इसीलिए तो हमें चाहिए,
खेल-कूद की आजादी!

खेल नहीं बेकार, इसे अब
दुनिया मान रही है,
जोश नहीं यह झूठा-मूठा
दुनिया जान रही है।
फिर पैरों में ये जंजीरें
क्यों कोई पहनाए,
राह हमारी बिना बात ही
रोके या भटकाए।

ज्यादा रोको ना, टोको ना
हमको अब पापा जी,
बच्चों को देनी ही होगी
खेल-कूद की आजादी।

वरना अब सत्याग्रह होगा
होंगी हड़तालें भी,
पैदा होगा हममें से ही
कोई नन्हा गाँधी!
नारा यही लगाएगा जो
आजादी! आजादी!
हमें चाहिए, अजी चाहिए,
खेल-कूद की आजादी!

खेल पर निबंध 200 शब्दों में

खेल हमेशा से ही हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा रहा है। खेल का इतिहास भी बहुत पुराना माना जाता है। खेल तकरीबन हजारों साल पहले से ही खेले जा रहे हैं। खेल से हमारे जीवन को एक नई दिशा मिलती है। खेल हमारे जीवन को सकारात्मक रूप से सही रखता है। खेल हमारे जीवन को अनुशासित रखता है। जब हम खेल को नियमित रूप से अपने जीवन का हिस्सा बना लेते हैं तो यह हमें हर पल खुश रखता है।

अगर कोई अपने जीवन में निरोग रहना चाहता है तो वह सिर्फ खेल की मदद से ही संभव हो सकता है। खेल के महत्व के बारे में हमें स्कूल के दिनों से ही अवगत करवाया जाता है। खेल हमारे दिमाग को एक्टिव रखने में मददगार होता है। नेतृत्व की भावना भी हम खेल की मदद से विकसित कर सकते हैं। खेल हमें सिखाता है कि हमें अपने जीवन में सभी से मिलजुलकर रहना है।

खेल पर 10 लाइनें

(1) खेल हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा है।

(2) नियमित रूप से खेलने पर हमारा दिमाग और भी अधिक विकसित होता है।

(3) खेल हमारे जीवन को सकारात्मक मोड़ पर ले जाने में मदद करता है।

(4) नियमित रूप से खेलने पर हर तरह की बीमारियां खत्म होती हैं।

(5) खेल हमें अंदर से मजबूत बनाने में मदद करता है।

(6) बच्चों को रचनात्मक केवल खेल से ही बनाया जा सकता है।

(7) हम स्कूल के दिनों से ही खेल खेलना सीख जाते हैं।

(8) खेल से शरीर चुस्त-दुरुस्त बनता है।

(9) खेल खेलने से हम सामाजिक बनते हैं।

(10) अब भारत में भी खेलों का महत्व बढ़ रहा है।

FAQs
प्रश्न 1. खेल का महत्व क्या है?

उत्तर- खेल हमेशा से ही हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा रहा है। खेल का इतिहास भी बहुत पुराना माना जाता है। खेल तकरीबन हजारों साल पहले से ही खेले जा रहे हैं। खेल से हमारे जीवन को एक नई दिशा मिलती है। खेल हमारे जीवन को सकारात्मक रूप से सही रखता है।

प्रश्न 2. खेल का इतिहास कितना पुराना है?

उत्तर- खेल का इतिहास हजारों साल पुराना है। खेल हमेशा से लोगों के जीवन का हिस्सा रहे हैं। हर युग में अलग-अलग प्रकार के खेल विकसित होते गए।

प्रश्न 3. हमारे जीवन में खेल का क्या महत्व है?

उत्तर- हमारे जीवन में खेल का महत्व बहुत ज्यादा है। खेल से हमारा दिमाग बहुत तेज बनता है। हमें अपने जीवन में हर प्रकार के खेल खेलने चाहिए। खेल से हमारा स्वास्थ्य सही बना रहता है। नियमित खेलने से हमारे शरीर की हर तरह की बीमारी दूर होती है।

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