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खेल का महत्व पर निबंध (Importance Of Sports Essay In Hindi)

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Ekta Ranga
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खेल का महत्व पर निबंध (Importance Of Sports Essay In Hindi)- हम सभी के जीवन में खेलों का महत्व हमेशा से ही रहा है। बचपन में हम सभी को अलग अलग प्रकार के खेल खेलने में आनंद आता है। खेल सभी को ही बहुत ही प्रिय होते हैं। जैसे मैं अपने बचपन की बात करूँ तो मुझे आज भी यह याद है कि मेरा पसंदीदा खेल क्रिकेट हुआ करता था। क्रिकेट खेलने का इतना जुनून था कि मैं अपना काम भी भूल जाती थी। बचपन में सभी के साथ ऐसा होता है। तो आज हम इस निबंध के माध्यम से जानेंगे खेलों के महत्व (importance of sports in hindi) के बारे में।

खेल का महत्व पर निबंध (Essay On Importance Of Sports In Hindi)

खेल का महत्व पर निबंध पढ़कर आपको खेलों उन विषयों के बारे में जानने मिलेगा जो, आपके जीवन को बदल देगा। शुरू से खेल हमारे जीवन का अहम हिस्सा रहे हैं। जब एक बालक छोटा सा होता है तभी से ही खेलों में रुचि लेने लग जाता है। खेल भी कई प्रकार के होते हैं। खेल सदियों से चले आ रहे हैं। खेल के प्रति लोगों का जुनून देखते हुए भारत में हर वर्ष 29 अगस्त को खेल दिवस के रूप में मनाया जाता है। खेल हमारे शारीरिक विकास के लिए भी अति आवश्यक है।

खेल का महत्व पर निबंध

अगर हम अपने राष्ट्रीय खेल की बात करें तो हमारा राष्ट्रीय खेल हॉकी है। यह खेल बहुत पुराना है। मेजर ध्यानचंद हॉकी के दिग्गज खिलाड़ी थे। खेल हमारे जीवन को सही दिशा की ओर मोड़ते हैं। हमारे जीवन में खेल का बड़ा ही महत्व है। तो आज का हमारा विषय खेलों का महत्व (khelon ka mahatva) पर आधारित है। आज हम खेलों के महत्व पर हिंदी में निबंध (Importance of sports essay in Hindi) पढ़ेंगे। तो आइये हम इसे पढ़ना शुरू करते हैं।

प्रस्तावना

खेलों का मानव जाति से गहरा संबंध रहा है। खेल प्राचीन काल से खेले जाते आ रहे हैं। अगर आप मानव जाति की सभ्यता के शुरुआती समय में भी खेल के बारे में जानना चाहेंगे तो आपको इसके बारे में कई सारी जानकारी मिलेगी। खेल हर संस्कृति और सभ्यता में खेले गए हैं। खेल को हमने अपने जीवन में हमेशा से ही ऊंचा स्थान दिया है। कुश्ती, तीरंदाजी और तैराकी जैसे खेल तो हमेशा से खेले जाते रहे हैं। पूरे विश्व में लोगों को अलग अलग तरह के खेलों का शौक होता है। खेल हमारे पूरे शारीरिक और मानसिक विकास के लिहाज से बहुत अच्छे होते हैं।

हर खेल का अपना महत्व होता है। जब हम अपने प्रिय खेल खेलते हैं तो यह हमें प्रसन्नता प्रदान करता है। खेल हमें फुर्तीला और सजग बनाए रखने में मदद करता है। खेल हमें आपस में प्रेम से रहना भी सिखाता है। इसका एक बहतरीन उदाहरण भी है। यह हम सभी को पता है कि जब भारत पाकिस्तान का मैच होता है तब सब जने मिलकर क्रिकेट मैच देखते हैं। उस समय हम सभी तरह के गिले शिकवे भूलकर केवल यह ध्यान में रखते हैं कि हमारी भारतीय टीम को ही यह मैच जितना चाहिए। उस समय हम कोई भी भेदभाव को नहीं देखते।

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हमारे जीवन में खेलों का क्या महत्व है?

खेल हमारे जीवन का ही एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। आज मानो कि अगर खेलों का अविष्कार ही ना हुआ होता तो हमारा जीवन कैसा होता? यह तो जगजाहिर सी बात है कि बिना खेल के हमारा जीवन सूना ही होता। हमारे जीवन में खेल को भी शामिल करना बहुत जरूरी है। खेल आपके शरीर को हर पल चुस्त बनाए रखते हैं। पहले के ज़माने में लोग सीमित खेल ही खेलते थे क्योंकि लोगों को इतने खेलों के बारे में जानकारी नहीं थी। लेकिन आज के समय में अनेक प्रकार के खेल मौजूद हैं। हम इन खेलों में से किसी का भी चुनाव कर सकते हैं और अपनी दिनचर्या में उसे शामिल कर सकते हैं। इससे हमारे शरीर को बहुत ही अच्छा फायदा मिलता है।

खेल से मिलने वाले फायदे

खेल हमारे शरीर को चुस्त-दुरुस्त रखता है- आज के इस भागदौड़ वाले जीवन में सेहत का ध्यान रखना बेहद ही जरूरी है। अगर हम केवल बीमार रहें तो हम अपने जीवन में कुछ भी हासिल नहीं कर सकते हैं। इसलिए सभी डॉक्टर यही बोलते हैं कि हमें अपने जीवन में सेहतमंद रहना चाहिए। चुस्त-दुरुस्त रहने के लिए हमें कई तरह की कसरत और खानपान में बदलाव के बारे में बोला जाता है। परंतु क्या आप सभी को यह पता है कि निरोग रहने के लिए हम अपने जीवन में खेलों को भी शामिल कर सकते हैं? जी हां, आप खेलकूद के माध्यम से फिट रह सकते हो।

खेल हमें टीमवर्क की भावना सिखाता है- टीमवर्क की भावना को जीवन में बहुत जरूरी माना जाता है। आपने देखा होगा कि हमारे जीवन में जितने भी महत्वपूर्ण कार्य होते हैं वह सभी एक दूसरे की मदद के बिना अधूरे हैं। जीवन के हर कार्यक्षेत्र में टीमवर्क की बहुत जरूरत पड़ती है। उदहारण के तौर पर अगर कोई कंपनी में बहुत बड़ा निर्णय लेना है और वह मुश्किल लग रहा है तो उसे ऑफिस की सारी टीम मिलकर ही सुलझाती है। खेल से भी हमें टीमवर्क की भावना सीखने को मिलती है। खेल कोई भी हो वह हमेशा समूह बनाकर ही खेला जाता है। जब हम सब साथ में मिलकर खेलते हैं तो हमें कुछ ना कुछ नया सीखने को मिलता है।

आज के दौर में खेल अलग अलग नौकरी के अवसर प्रदान कर रहा है- वह पुराना दौर गया जब केवल सरकारी नौकरी को ही महत्व दिया जाता था। अब आज के इस बदलते समय में चीजें काफी बदल गई है। आज रचनात्मकता को भी समाज में जगह दी जा रही है। अब समय इतना बदल गया है कि आज स्पोर्ट्स भी लोगों को नौकरी में अच्छे अवसर प्रदान कर रहा है। आज अनेक प्रकार के खेलों में खूब सारे विकल्प और अवसर है। कोई बैडमिंटन खिलाड़ी बन रहा है तो कोई क्रिकेट टीम का कोच बनकर पैसा कमा रहा है। यह भी एक अच्छा हुनर है।

खेल तनाव के स्तर को कम करता है- आज जीवन में हर तरफ गला काट प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही है। इसी प्रतिस्पर्धा के चलते जीवन में तनाव का होना लाजिमी है। इसी तनाव के चलते आज सभी लोग इसको खत्म करने में लगे हैं। तनाव भगाने के बहुत उपाय है। उनमें से एक स्पोर्ट्स भी इसका अच्छा विकल्प है। खेल खेलने के अनेकों फायदे हैं। खेल से ना केवल हमें स्फूर्ति मिलती है बल्कि इससे हमारे तनाव के असर को भी कम किया जा सकता है।

खेल हमारे आत्मविश्वास को बढ़ाता है- जब हम खेल प्रतियोगिताओं में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेते हैं तो यह हमारे अंदर के आत्मविश्वास को जगा देता है। यह स्वाभाविक भी है। क्योंकि जब हम मिलजुलकर खेलते हैं तो यह हमें अन्य लोगों के बारे में जानने का भी मौका देते हैं। जब हम खूब सारे लोगों के साथ उठते बैठते हैं तो हमें यह पता चलता है कि लोगों में खूबियों के साथ कमियां भी होती है।

खेल हमारे मस्तिष्क को तेज बनाते हैं- खेल खेलने से हमारा दिमाग भी कंप्युटर की तरह ही तेज दौड़ने लगता है। मस्तिष्क को तेज बनाने वाले कई गेम्स होते हैं जैसे कि चेस, साँप सीढ़ी आदि।

खेल बच्चों को मिलनसार बनाते हैं- अक्सर आपने यह देखा होगा कि जब हम किसी से मिलते जुलते नहीं हैं तो हम अंतर्मुखी बन जाते हैं। लेकिन हर तरह के गेम्स खेलने से हमारा व्यक्तित्व बहिर्मुखी बन जाता है।

खेलों के प्रकार

खेल मुख्य रूप से चार प्रकार के होते हैं-

1) घर के अंदर खेले जाने वाले खेल

2) घर के बाहर खेले जाने वाले खेल

3) रचनात्मक खेल

4) कल्पनात्मक खेल

1) घर के अंदर खेले जाने वाले खेल

जब कोई खेल घर के अंदर रहकर ही खेले जाए तो उसे हम इंडोर गेम्स की संज्ञा देते हैं। यह खेल शारीरिक विकास में सहायक नहीं होते हैं। परंतु इन गेम्स को खेलने पर हमारा बौद्धिक विकास होता है। इस प्रकार के खेलों के उदाहरण है- लुकाछिपी, पहले अक्षर से वस्तु की पहचान का अनुमान लगाना, कैरम बोर्ड, शतरंज, लूडो, संगीत कुर्सी आदि।

2) घर के बाहर खेले जाने वाले खेल

जब कोई खेल बाहर खुले मैदान या कोई खुली जगह पर खेले जाए तो उन्हें आउटडोर गेम्स कहते हैं। इन गेम्स से हमारा शारीरिक और मानसिक विकास होता है। यह हमारे शरीर को चुस्त-दुरुस्त और एक्टिव बनाए रखने में सहायक होते हैं। इस प्रकार के खेलों के नाम है- क्रिकेट, फुटबॉल, टेनिस, कबड्डी, खो-खो, बास्केटबॉल, हॉकी आदि।

3) रचनात्मक खेल

इस प्रकार के खेलों में सभी अपनी रचना और दिमाग के कौशल का इस्तेमाल करते हैं। उदाहरण के तौर पर जैसे हम किसी बच्चे को मिट्टी या ब्लॉक गेम खेलने को दे और वह इसे पूरा कर ले तो ऐसे खेल रचनात्मक खेलों की श्रेणी में आते हैं।

4) कल्पनात्मक खेल

इस प्रकार के खेल कल्पना के आधार पर खेले जाते हैं।

खेल के महत्व पर निबंध 100 शब्दों में

खेल मानव सभ्यता के समय से ही हमारे जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहे हैं। जब बच्चे छोटे से होते हैं तभी से ही उनके माता-पिता उन्हें स्पोर्ट्स के बारे में जानकारी देना शुरू हो जाते हैं। फिर जब बच्चा स्कूल जाने लगता है तो वहां पर उसे खेल-कूद से परिचित करवाया जाता है। धीरे-धीरे बच्चे खेलों को पढ़ाई जितना ही महत्त्वपूर्ण मानने लगते हैं। खेल इंसान के संपूर्ण व्यक्तित्व को निखारने का काम करते हैं। खेल से हम जीवन की सीख भी ले सकते हैं। खेल एक इंसान का व्यक्तित्व निखार देता है।

खेल के महत्व पर निबंध 200 शब्दों में

शिक्षा के अलावा, आपको अच्छे स्वास्थ्य की आवश्यकता है, और इसके लिए आपको खेल खेलना चाहिए।

– अनाम

ऊपर दिया गया यह कथन एकदम सत्य है। जब आपके अभिभावक आपको स्कूल में डालते हैं तो वह यह चाहते हैं कि उनका बच्चा पूरी स्कूल में एक अच्छे छात्र के तौर पर अपनी पहचान बनाए। अर्थात अभिभावक चाहते हैं कि उनका बच्चा शिक्षा और खेल दोनों में ही नाम कमाए। यह पहले के ज़माने में आम बात थी कि एक विद्यार्थी अपनी पढ़ाई के अलावा खेलकूद में भी अव्वल रहने की पूरी कोशिश करते थे। और असल मायने में भी देखा जाए तो यह बात एकदम सही है। परंतु आज की इस 21वीं शताब्दी में चीज़ें थोड़ी अलग बदल गई है।

आज के युवा आउटडोर गेम्स खेलन की बजाए केवल घर पर बैठकर मोबाइल और टीवी देखना चाहते हैं। ऐसा होने से उनके शरीर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। आज छोटे बच्चे भी मोटापे का शिकार हो रहे हैं। वह शारीरिक कसरत करने से परहेज कर रहे हैं। ज्यादा मोबाइल और टीवी देखने से उनके दिमाग पर भी नकारात्मक प्रभाव आ रहा है। इसलिए यह बेहद जरूरी है कि सभी बच्चे और व्यस्क मोबाइल के साथ-साथ कसरत और खेलकूद पर भी ध्यान दे। हमें हमारी युवा पीढ़ी को खेलों के प्रति जागरूक करना होगा। उनको यह समझाना होगा कि खेल हमारे भविष्य के लिए कितने आवश्यक है।

निष्कर्ष

तो आज के इस निबंध के माध्यम से हमने यह जाना कि खेलों का हमारे जीवन में क्या महत्व होता है। आज के समय के खेलों में वो बात नहीं रही है जो एक समय पर हुआ करती थी। पहले सभी शारीरिक और मानसिक बल बढ़ाने वाले खेलों में बड़ी प्रसन्नता के साथ भाग लिया करते थे। लेकिन आज खेलकूद का माहौल कहीं देखने को नहीं मिलता है। अभी के समय में बच्चे से लेकर बड़े सभी मोबाइल की स्क्रीन पर अपनी आँखों को गाड़े रखते हैं।

आप किसी भी घर पर चले जाओ आपको सभी मोबाइल प्रेमी ही दिखेंगे। कोई भी व्यक्ति आज इंडोर या आउटडोर गेम खेलता हुआ नहीं दिखता। सभी को मोबाइल और फुर्सत ही नहीं है। हमारे देश से ज्यादा तो विदेशों में खेलों को लेकर उत्साह और जोश देखने को मिलता है। हमारे देश में इतनी जागरूकता नहीं है। हमें खेलों के प्रति जागरूकता बढ़ानी होगी। जब ज्यादा से ज्यादा लोग खेलों में भाग लेंगे उतनी ही ज्यादा हमारे देश की प्रगति होगी। हम उम्मीद करते हैं कि आपको हमारे द्वारा लिखा गया यह निबंध पसंद आया होगा।

खेल के महत्व पर 10 लाइनें

  1. खेल हमारे जीवन का एक महत्त्वपूर्ण हिस्सा है।
  2. खेल हमारे व्यक्तित्व को निखारने में मदद करते हैं।
  3. खेल मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं- इनडोर और आउटडोर खेल।
  4. खेल हमारे अंदर के आत्मविश्वास को जगाते है।
  5. खेल से हमारा शरीर चुस्त-दुरुस्त बना रहता है।
  6. आज के समय में खेल कमाई का एक अच्छा जरिया बनकर भी उभरा है।
  7. खेल हमारे देश को प्रगतिशील बनाते है।
  8. खेल हमारे बौद्धिक और मानसिक क्षमता को मजबूत करते हैं।
  9. हमें खेलों में भाग लेना चाहिए। हमारी भागीदारी बहुत जरूरी मानी जाती है।
  10. विद्यार्थियों को अपने स्कूल में हर तरह की खेल प्रतियोगिताओं में सक्रिय रहना चाहिए।
FAQs

Q1. खेलों का हमारे जीवन में क्या महत्व है कोई पांच वाक्य लिखिए?

A1. 1) खेल हमारे जीवन को सुधारने में मदद करते हैं।

2) खेल हमारे समस्त व्यक्तित्व को निखारने में मदद करते हैं।

3) खेल से हमारे देश का भविष्य सुनहरा बनता है।

4) अनेक प्रकार के खेल हमें जीवन जीने की कला समझाते हैं।

5) आज के समय में खेलों ने हमें रोजगार के अनेकों अवसर प्रदान किए हैं।

Q2. खेल की विशेषता क्या है?

A2. खेल एक प्रकार की अच्छी भावना है जो लोगों को एकजुटता सिखाती है। जब हम साथ मिलकर खेलते हैं तो हमारे अंदर टीम स्पिरिट की भावना बढ़ती है। ऐसा होने पर हम सभी से भावनात्मक रूप से भी जुड़ जाते है। यहां तक कि खेल हमारे अंदर राष्ट्र प्रेम की भावना को भी बढ़ाते हैं।

Q3. जीवन में खेल कूद का क्या महत्व है इस विषय पर 70-80 शब्दों में अनुच्छेद लिखिए?

A3. खेलों का महत्व हमारे जीवन में हमेशा से ही रहा है। खेल खेलना किसको पसंद नहीं आता है। बच्चे से लेकर बूढ़ों को खेल खेलने में मज़ा आता है। खेल दो प्रकार के होते हैं – इंडोर या आउटडोर गेम। कोई लोगों को इंडोर गेम्स खेलने में मजा आता है तो किसी को आउटडोर गेम्स अपनी ओर आकर्षित करते हैं। खेल हर तरह से हमारे जीवन के स्तर को सुधारते हैं।

Q4. स्पोर्ट्स का अर्थ क्या है?

A4. स्पोर्ट्स का हिंदी में अर्थ है खेल कूद। खेल कूद हमारे जीवन का एक बड़ा हिस्सा है। खेल खेलने से हमारे शरीर की अच्छी कसरत हो जाती है। खेल हमारे अंदर प्रेम की भावना को जाग्रत करता है।

Q5. खेल शिक्षा में कैसे मदद करता है?

A5. आज हम सभी के जीवन में शिक्षा और खेलों का महत्व बहुत बढ़ गया है। आज के समय में जब कोई माता पिता अपने बच्चे को पहली बार स्कूल में डालते हैं तो वह यह उम्मीद करते हैं कि उनका बच्चा हर चीज में सर्वश्रेष्ठ हो। स्कूल के समय में जब कोई छात्र अच्छा प्रदर्शन करता है तो आप यह समझिए कि वह खेल में भी अच्छा प्रदर्शन दिखा रहा है। बच्चों के दिमाग में स्कूल से संबंधित जो कोई भी समस्या या तनाव होता है वह सब खेल खेलने से खत्म हो जाता है।

Q6. खेलने से क्या फायदा होता है?

A6. खेल खेलने से निम्नलिखित फायदे होते हैं-

1) खेल मस्तिष्क को तेज बनाते हैं- खेल खेलने से हमारा दिमाग भी कंप्युटर की तरह ही तेज दौड़ने लगता है।

2) खेल बच्चों को मिलनसार बनाते हैं।

3) बहुत से ऐसे खेल हैं जो हमारे हृदय को भी स्वस्थ रखने में सहायक होते हैं।

4) खेल की भावना बच्चों में आत्मविश्वास को बढ़ा देता है। आत्मविश्वास का मजबूत होना अति आवश्यक चीज है।

5) सभी प्रकार के खेल लीडरशिप और टीम वर्क की भावना को जन्म देते हैं।

6) खेल बचपन से ही बच्चों को सहनशील बनाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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