Class 10 Kabir ki Sakhi : पाठ-सार, व्याख्या, उद्देश्य, शब्दार्थ
‘साखी’ शब्द का अर्थ है “साक्षी” या “गवाही”। इस पाठ में संत कबीर की कई साखियाँ संकलित हैं, जिनमें उन्होंने मानव जीवन, भक्ति, प्रेम, अहंकार, आत्म-चिंतन, गुरु-भक्ति, और समाज सुधार जैसे विषयों पर अपने विचार दोहे (द्विपदी छंद) के रूप में प्रस्तुत किए हैं। कबीर की वाणी बहुत सरल, लेकिन गहरी होती है। वे सीधे …
