परिमाणवाचक विशेषण किसे कहते हैं? (Parimanvachak Visheshan Kise Kahate Hain?): परिमाणवाचक विशेषण की परिभाषा, भेद और उदाहरण

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Ekta Ranga

परिमाणवाचक विशेषण (Parimanvachak Visheshan)- ऐसे बहुत से शब्द होते हैं जो हमें किसी वस्तु के परिमाण और मात्रा के बारे में बताते हैं। हम सभी अपने दैनिक कार्यक्रम में कोई ना कोई वस्तु खरीदते रहते हैं। खासकर दूध, चीनी, आटा, चाय, फल, सब्जी, मेवे आदि। इन सभी वस्तुओं को एक माप में तोला जाता है। केवल फल या सब्जी ही क्यूं बल्कि हम और कोई स्तिथि में भी इसका उपयोग कर सकते हैं। आखिर परिमाण होता क्या है? दरअसल गिनने, तौलने, मापने आदि से मिलने वाले फल को हम परिमाण (Pariman) कहते हैं। अगर हमें आम खरीदने हैं तो हम कहेंगे एक किलो आम।

परिमाणवाचक विशेषण (Parimanvachak Visheshan)

संज्ञा, सर्वनाम और क्रिया की ही तरह विशेषण भी एक दिलचस्प अध्याय है। विशेषण शब्द संज्ञा की खूबी को दर्शाते हैं। जैसे बुरे दोस्त। यहां पर बुरे शब्द को हम विशेषण मानेंगे। यहां पर दोस्तों की विशेषता बताई जा रही है कि वह बुरे हैं। विशेषण को अंग्रेजी में Adjective कहते हैं। विशेषण के भेद चार तरह के होते है- गुणवाचक विशेषण, परिमाणवाचक, संख्यावाचक विशेषण और संकेतवाचक विशेषण। तो आज का हमारा विषय परिमाणवाचक विशेषण (Pariman Vachak Visheshan) पर आधारित है जिसमें हम जानेंगे कि परिमाणवाचक विशेषण किसे कहते हैं? (Pariman Vachak Visheshan Kise Kahate Hain?), परिमाणवाचक विशेषण की परिभाषा क्या है, इसके भेद कितने प्रकार के होते हैं और इसके उदाहरण क्या हैं।

परिमाणवाचक विशेषण किसे कहते हैं?

विशेषण के जिन शब्दों की मदद से हमें किसी वस्तु की मात्रा (Quantity) का पता चले तो उसे हम परिमाणवाचक विशेषण कहते हैं। अन्य शब्दों में कहें तो किसी पदार्थ या वस्तु की मात्रा, परिमाण, नाप या तौल को सूचित करने वाले शब्दों को परिमाणवाचक विशेषण कहते हैं।

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परिमाणवाचक विशेषण की परिभाषा

जिन विशेषण शब्दों से हमें किसी वस्तु अथवा किसी संज्ञा या सर्वनाम के नाप तोल का ज्ञात होता है तो उसे हम परिमाणवाचक विशेषण कहते हैं। उदाहरण के तौर पर- थोड़ा घी, बहुत काम, थोड़ा तेल, पांच किलो, तीन मीटर, थोड़े चावल, समस्त देश, कुछ चीज, बहुत पानी, दो बीघा जमीन आदि। यह सभी परिमाणवाचक विशेषण के उदाहरण हैं।

यह हमेशा याद रखने वाली बात है कि एकवचन संज्ञा का उपयोग परिमाणवाचक विशेषण में होता है। अगर आपको कोई कहे कि दो किलो चावल में कितने चावल है, तो क्या आप चावल गिन सकते हो? उत्तर ना में होगा। ऐसी बहुत सी वस्तुएं हैं जिनका परिमाण हमें पता चल सकता है पर उनकी गिनती नहीं की जा सकती है।

परिमाणवाचक विशेषण के भेद

परिमाणवाचक विशेषण के भेद दो प्रकार के होते हैं-

1 ) निश्चित परिमाणवाचक विशेषण

2 ) अनिश्चित परिमाणवाचक विशेषण

निश्चित परिमाणवाचक विशेषण

जो विशेषण शब्द संज्ञा या सर्वनाम हमें यह बताए कि किसी वस्तु का परिमाण निश्चित है तो उसे हम निश्चित परिमाणवाचक विशेषण की परिभाषा देते हैं।

निश्चित परिमाणवाचक विशेषण के उदाहरण

1 ) क्या तुम एक किलो दूध ले आओगे?

2 ) मुझे राशन की दुकान से आधा किलो चाय का पैकेट लाना है।

3 ) पनीर की सब्जी के लिए 1 किलो पनीर की जरूरत होती है।

4 ) बाजार से 1 किलो गुड़ लेते आना।

5 ) आधा किलो चावल से काम नहीं चलेगा।

6 ) महेश आधा दर्जन केले खा गया।

7 ) दो किलो दूध की खीर बना लो।

8 ) एक किलो लीची खरीद लो।

9 ) पांच मीटर कपड़े से तुम्हारी बन जाएगी।

अनिश्चित परिमाणवाचक विशेषण

जो विशेषण शब्द संज्ञा या सर्वनाम हमें यह बताए कि किसी वस्तु का परिमाण अनिश्चित है तो उसे हम निश्चित परिमाणवाचक विशेषण की परिभाषा देते हैं। जैसे- कुछ दूध, जरा सा पानी, जरा सा ज्यूस, कम आमदनी, ज्यादा धन, ज्यादा अनाज आदि।

अनिश्चित परिमाणवाचक विशेषण के उदाहरण

1 ) मुझे शादी के लिए कुछ कपड़े खरीदने हैं।

2 ) बच्चे ने भूख के चलते कुछ केले खा लिए।

3 ) गरीबों को थोड़ा अनाज बांट दो।

4 ) कल चोर सेठ के यहाँ से खूब सारा धन लूटकर ले गए।

5 ) आजकल थोड़े पैसों में गुजर-बसर करना मुश्किल है।

6 ) उसके पास बहुत से जूते है।

7 ) थोड़े से दूध से चाय नहीं बनेगी।

8 ) पूरे उत्तर भारत में काफी गर्मी पड़ी।

9 ) फसल नहीं होने पर किसान बहुत दुखी है।

10 ) थोड़ा सा भैंस का दही खरीद लाओ।

परिमाणवाचक विशेषण के उदाहरण

1 ) तीन किलो दूध लेकर आओ।

2 ) हाथी ने दर्जनभर केले ख लिए।

3 ) मुझे तो आज बहुत सारे काम करने हैं।

4 ) रमेश की मम्मी ने रमेश को खूब मारा।

5 ) मैंने उसे बहुत समझाया पर वह माना नहीं।

6 ) जरा सी बात को लेकर वरूण का अपने बाॅस से झगड़ा हो गया।

7 ) मुझे थोड़ी चाय की जरूरत है।

8 ) वह सारी चाॅकलेटस् तुम्हारे लिए है।

9 ) आज बाजार जाकर दो किलो दाल ले आना।

10 ) उस छह मीटर लंबे पेड़ को देखकर मेरी आँखें दंग रह गई।

11 ) 1 किलो पनीर ले आओ।

12 ) मीना का वजन 10 किलो और बढ़ गया था।

13 ) दो छोटे चम्मच नमक डालने से सब्जी अच्छी बनेगी।

14 ) सीमा के खूद के दो आलीशान बंगले है।

15 ) आज तीन हाथियों के झुंड ने चिड़ियाघर में कोहराम मचा दिया।

16 ) मेघा ने चाय के तीन कप तोड़ दिए।

17 ) आज के समय में सोना और चांदी बहुत महंगे हो गए है।

18 ) थोड़ा- थोड़ा करके खाना चाहिए।

19 ) आज खाना थोड़ा कम बना है।

20 ) चार दिन से वह स्कूल नहीं जा रहा है।

निष्कर्ष

आज की हमारी इस पोस्ट के माध्यम से आपने जाना कि परिमाणवाचक विशेषण क्या होता है। आपने इसकी परिभाषा से इस विषय को अच्छी तरह से समझा। परिमाणवाचक विशेषण को जानना जरूरी है क्योंकि इससे हमें सभी तरह की चीजों के माप-तोल का पता चल जाता है। हम यह आशा करते हैं कि आपको हमारी यह पोस्ट बहुत पसंद आई होगी।

FAQ’S

Q1. परिमाणवाचक विशेषण किसे कहते हैं?

A1. जिन विशेषण शब्दों से हमें किसी वस्तु अथवा किसी संज्ञा या सर्वनाम के नाप तोल का ज्ञात होता है तो उसे हम परिमाणवाचक विशेषण कहते हैं। जैसे- थोड़ा, कम, दो किलो, आधा दर्जन, बहुत, ज्यादा, खूब सारा, तीन किलो आदि।

Q2. परिमाणवाचक विशेषण के भेद कितने प्रकार के होते हैं?

A2. परिमाणवाचक विशेषण के भेद दो प्रकार के होते हैं-

1 ) निश्चित परिमाणवाचक विशेषण

2 ) अनिश्चित परिमाणवाचक विशेषण

Q3. विशेषण किसे कहते हैं?

A3. वह शब्द जो संज्ञा या सर्वनाम के गुण, दोष, परिमाण, रंग या आकार बताए तो उसे हम विशेषण कहते हैं।

Q4. राजू ने आज ज्यादा खाना खा लिया- यह वाक्य निश्चित परिमाणवाचक विशेषण है या अनिश्चित परिमाणवाचक विशेषण?

A4. यह अनिश्चित परिमाणवाचक विशेषण का उदाहरण है। यहां पर यह पता लगाना मुश्किल है कि राजू ने असल में कितना खाना खाया। यह दो रोटी हो सकती है या फिर तीन से पांच रोटी भी हो सकती है।

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