शायरी (Shayari In Hindi)

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शायरी (Shayari In Hindi)- इस बात में कोई शक़ नहीं है कि शायरी (Shayari) हिंदी-उर्दू ज़बान की सबसे लोकप्रिय और मधुर काव्य-विद्या है। शायरी पिछली कई सदियों से लोगों के दिलों पर राज करती हुई आ रही है। आज के दौर में भी लोग शायरी पढ़ना व सुनना पसंद करते हैं। शायरी हिंदी कविता (Hindi Poem) का ही एक रूप है। हिंदी कविता में संस्कृत और हिंदी भाषा का प्रयोग किया जाता है जबकि हिंदी शायरी (Hindi Shayari) में संस्कृत और हिंदी भाषा के साथ-साथ उर्दू, फ़ारसी, अरबी आदि भाषाओं का भी प्रयोग किया जाता है। जिस प्रकार कविता हिंदी साहित्य की एक शैली है उसी प्रकार शायरी उर्दू साहित्य की एक शैली है।

शायरी (Shayari In Hindi)

शायरी लिखने और बोलने वाले को शायर कहा जाता है। जिन लोगों की रुचि शायरी इन हिंदी और Hindi Shayari Quotation पढ़ने, लिखने व बोलने में है और वो शायर बनना चाहते हैं, तो उनके लिए हम इस पोस्ट के माध्यम से हिंदी शायरी से जुड़ी कुछ ज़रूरी जानकारी लेकर आये हैं, जैसे- शायरी क्या होती है, शेर और शायरी में क्या अंतर होता है, शायरी और गज़ल में क्या अंतर होता है, शायरी कैसे लिखी जाती है, शायरी के विषय कौन-कौन से हैं आदि। इसके अलावा आप हमारी इस पोस्ट से अलग-अलग विषयों पर Best Shayari In Hindi का कलेक्शन भी पढ़ सकते हैं। अब आप All Shayari Hindi और Latest Hindi Shayari इस एक ही पोस्ट से प्राप्त सकते हैं।

शायरी क्या होती है?

शायरी मतलब शब्दों की वो जादूगरी या कारीगरी जो दिल को छू ले। शायरी में किसी भी बड़ी से बड़ी गंभीर बात को छोटा करके दिलकश अंदाज़ में पेश किया जाता है। शायरी को सुखन और शायरी लिखने वाले को शायर या सुख़नवर भी कहा जाता है। शायरी को मुख्यतः हिंदी और उर्दू भाषा में लिखा जाता है। शायरी में शायर शब्दों से खेलता हुआ अपने दिल की भावनाओं को कुछ इस तरह से व्यक्त करता है कि कभी-कभी सामने वाला अपना दिल हार वैठता है। शायरी अपने मन की बात को अभिव्यक्त करने का बिल्कुल अलग आयाम है। शायरी लिखने में जितना ध्यान शब्दों का रखना होता है, उतना ही ध्यान शायरी बोलते वक्त स्वर और आवाज़ का भी रखना होता है। अतः हम कह सकते हैं कि शब्दों, स्वर और आवाज़ का सही मेल और सभी को लुभाने वाली कला ही शायरी है।

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शेर, शायरी और ग़ज़ल में अंतर

कई लोगों को शेर, शायरी और ग़ज़ल में दुविधा रहती है और वो इन तीनों के अंतर को समझ नहीं पाते। आपको बता दें कि वैसे तो शेर, शायरी और ग़ज़ल तीनों ही आपस में एक-दूसरे जुड़े हुए हैं लेकिन इनमें कुछ अंतर भी है, जैसे-

  • शेर- शेर केवल दो पंक्तियों का होता है, जिसका कोई अर्थ भी ज़रूर होता है। शेर किसी ग़ज़ल का एक हिस्सा होता है। अर्थात् हम कह सकते है कि शेर दो पंक्तियों की एक कविता होती है।
  • शायरी- शेरों की पंक्तियों को और उनके पढ़ने के अंदाज़ को शायरी कहते हैं अर्थात् शायरी को पढ़ा जाता है। शायरी को सुखन भी कहा जाता है।
  • ग़ज़ल- शेरों के समूह को ग़ज़ल कहते हैं, जिसमें पांंच से पच्चीस शेर हो सकते हैं। अर्थात् हम कह सकते हैं कि ग़ज़ल एक लम्बी कविता होती है और ग़ज़ल को गाया जाता है।

शायरी कैसे लिखी जाती है?

शायरी लिखने के लिए आपको नीचे बताई गई पांच टिप्स को फॉलो करना होगा, तभी आप अच्छी शायरी लिख पाएंगे।

1- आपकी शेर-ओ-शायरी में रुचि होनी चाहिए।

2- आपको शायरी को पढ़ना और समझना आना चाहिए।

3- आपको हिंदी, उर्दू, फ़ारसी, अरबी आदि भाषा का ज्ञान होना चाहिए।

4- आपके पास शब्दों का भंडार होना चाहिए।

5- आपके पास अपनी भावनाओं को व्यक्त करने का अलग अंदाज़ होना चाहिए।

शायरी के विषय

शायरी से जुड़े कुछ सवाल (FAQ’s)

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प्रश्न- शायरी का क्या अर्थ होता है?

उत्तरः कविता का वो रूप जिसमें हिंदी और उर्दू भाषा का प्रयोग किया जाता है।

प्रश्न- शेर और शायरी में क्या फर्क होता है?

उत्तरः दो पंक्तियों की एक कविता को शेर कहते हैं और उसके वर्णन को शायरी।

प्रश्न- शायरी कितने प्रकार की होती है?

उत्तरः शेर, ग़ज़ल, रुबाई, किता, कसीदा, मसनवी और नज़्म शायरी के अलग-अलग प्रकार होते हैं।

प्रश्न- शायरी लिखने वाला क्या होता है?

उत्तरः शायरी लिखने वाला शायर या सुख़नवर होता है।

प्रश्न- क्या ग़ज़ल और शायरी एक ही है?

उत्तरः ग़ज़ल शायरी का ही एक रूप है।

हम उम्मीद करते हैं कि आपको हिंदी शायरी से जुड़ी जानकारी मिल गई होगी। इस पोस्ट को अंत तक पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद।

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