UPSC Full Form In Hindi: यू.पी.एस.सी. क्या है, योग्यता, भर्ती प्रक्रिया, वेतन

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Mamta Kumari

यूपीएससी की फुल फॉर्म (UPSC Full Form In Hindi)- हमारे देश में आज जिस तरह की स्थितियाँ उत्पन्न हो रही हैं, उसे देखते हुए आज भारत का हर युवा प्रशासन को अपने तरीके से संचालित करने की सोचता है, जिसके लिए वो यू.पी.एस.सी. (U.P.S.C.) परीक्षा की तैयारी करता है। योग्य अभ्यर्थी परीक्षा पास करने के बाद भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS), भारतीय पुलिस सेवा (IPS), भारतीय विदेश सेवा (IFS) या भारतीय राजस्व सेवा (IRS) में रैंक के मुताबिक पद प्राप्त करते हैं। सरकार पद प्राप्तकर्ताओं को हर तरह की उच्च स्तर कि सुविधाएँ प्रदान करती है, जैसे- निजी घर, निजी वाहन सुविधा आदि, जो ज्यादातर अभ्यर्थियों को आकर्षित करती है।

यूपीएससी की फुल फॉर्म

संघ लोक सेवा आयोग (यू.पी.एस.सी.) भारत सरकार की प्रमुख सिविल सेवाओं के लिए परीक्षाओं का संचालन करता है। जिसे यू.पी.एस.सी. (UPSC) परीक्षा या आई.ए.एस. (IAS) परीक्षा के नाम से भी जाना जाता है। यह परीक्षा भारत की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक मानी जाती है। संघ लोक सेवा आयोग इस सिविल सेवा परीक्षा को हर वर्ष आयोजित करवाता है, जिसे वो तीन चरणों में समाप्त करता है। यह एक राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा है, जो भारत की केंद्र और राज्य सरकार के तहत 24 सेवाओं में भर्ती के लिए जिम्मेदार होती है। ज्यादातर लोग इस परीक्षा से परिचित हैं, लेकिन कुछ मुख्य बातें हैं जिन्हें आप इस आर्टिकल के माध्यम से जान सकते हैं। 

यू.पी.एस.सी. क्या है?

पहले लोक सेवा आयोग में भर्ती भारत में नहीं हुआ करती थीं लेकिन स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान राष्ट्रवादियों ने माँग की थी कि लोक सेवा आयोग में भर्ती भारत में शुरू की जाए। इस माँग को ध्यान में रखते हुए ‘रॉस बार्कर’ की अध्यक्षता में संघ लोक सेवा आयोग की स्थापना 1 अक्टूबर 1926 को हुई। इस प्रकार यू.पी.एस.सी. (UPSC) लेवल-ए और लेवल-बी के कर्मचारियों की भर्ती के लिए एक स्वतंत्र संगठन बन गया जिसका मुख्यालय नई दिल्ली में है और इसकी ऑफिशियल वेबसाइट upsc.gov.in है। इस वेबसाइट पर जाकर कोई भी आवेदक योग्यता और समय-सीमा को ध्यान में रखते हुए आवेदन कर सकता है। आयोग के मुख्य रूप से चार कार्य हैं- 

  • सभी सेवाओं के लिए कर्मचारियों की भर्ती करना। 
  • सेवाओं में प्रवेश होने वाले कर्मचारियों की योग्यताओं का विधान तथा उचित मान तय करना।  
  • सभी सेवाओं/अधिकारों की सुरक्षा करना तथा अनुशासन व्यवस्था को बनाए रखना।
  • अंतिम है सेवा संबंधी समस्याओं पर सलाह तथा अनुमति देना। 

यू.पी.एस.सी. फुल फॉर्म

यूपीएससी का पूरा नाम हिंदी और अंग्रेजी में नीचे टेबल में पढ़ें।

यू.पी.एस.सी. की फुल फार्म हिंदी में (UPSC Full Form In Hindi)यू.पी.एस.सी. की फुल फार्म अंग्रेजी में (UPSC Full Form In English)
“संघ लोक सेवा आयोग”“यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन” (Union Public Service Commission) 

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यू.पी.एस.सी. के लिए योग्यता

  • आवेदक किसी भी विषय में मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय/संस्थान से स्नातक उत्तीर्ण होना चाहिए। 
  • यू.पी.एस.सी. परीक्षा के लिए आयु सीमा 21 से 32 वर्ष है लेकिन आरक्षित श्रेणियों के लिए रियायत बरती जाती है। ओ.बी.सी को 3 साल की, एस.टी/एस.सी को 5 साल की और दिव्यांग उम्मीदवारों को 10 साल तक की छूट दी जाती है।  
  • इच्छुक आवेदक भारतीय होना चाहिए।
  • यू.पी.एस.सी. में आई.ए.एस. (IAS) पद के लिए आपकी लंबाई नहीं देखी जाती है, लेकिन (आई.पी.एस.) IPS के पद के लिए पुरुषों कि लंबाई 175 सेंटीमीटर और चेस्ट 84 सेंटीमीटर होनी अनिवार्य है। वहीं ओ.बी.सी./एस.टी./एस.सी. के उम्मीदवारों की लंबाई 160 सेंटीमीटर होनी चाहिए। जबकि समान्य श्रेणी की महिलाओं की लंबाई 150 सेंटीमीटर होनी चाहिए। 

यू.पी.एस.सी. में प्रयासों की संख्या 

  • सामान्य श्रेणी के आवेदकों को 32 वर्ष की आयु सीमा के अंतर्गत कुल 6 प्रयास मिलते हैं।
  • अन्य पिछड़ा वर्ग (ओ.बी.सी.) के आवेदक सिर्फ 9 बार ही इस परीक्षा में बैठ सकते हैं। 
  • अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (एस.टी/एस.सी) के आवेदक 37 वर्ष की आयु तक अनगिनत बार यू.पी.एस.सी. की परीक्षा दे सकते हैं।  
  • इसके अलावा भूतपूर्व सैनिक/बेंचमार्क विकलांगता- ईडब्ल्यूएस/विकलांग रक्षा सेवा के उम्मीदवार 42 वर्ष की आयु तक सिर्फ 9 बार ही परीक्षा में बैठ सकते हैं।

यू.पी.एस.सी. भर्ती प्रक्रिया

यूपीएससी की परीक्षा तीन चरणों में होती है- 

  1. प्रारंभिक परीक्षा (Prelims)- इसमें दो पेपर वस्तुनिष्ट प्रकार के होते हैं। इसमें प्राप्त किए गए अंकों को अंतिम मेरिट लिस्ट में नहीं जोड़ा जाता है। प्रारंभिक परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग भी होती है, जिसके अंतर्गत हर एक गलत उत्तर के लिए 1/3 अंक कम कर दिए जाते हैं। 
  2. मुख्य परीक्षा (Mains)- मुख्य परीक्षा में नौ(9) पेपर होते हैं और हर एक पेपर के लिए तीन घंटे का समय निर्धारित होता है। जो अभ्यर्थी प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण करते हैं, वे मुख्य परीक्षा में बैठ सकते हैं। मुख्य परीक्षा के सभी पेपर व्याख्यात्मक होते हैं। जिनमें निम्नलिखित पेपर शामिल होते हैं- 
  • निबंध पेपर
  • सामान्य अध्ययन पेपर I
  • सामान्य अध्ययन पेपर II
  • सामान्य अध्ययन पेपर III
  • सामान्य अध्ययन पेपर IV 
  • वैकल्पिक पेपर I
  • वैकल्पिक पेपर II
  • भारतीय भाषा का पेपर 
  • अंग्रेजी भाषा का पेपर  

मुख्य परीक्षा 5 से 7 दिनों तक चलती है। परीक्षार्थी को पेपर I से पेपर VII तक के सभी परीक्षाओं में कम से कम 25% अंक प्राप्त करने होते हैं।

  1. साक्षात्कार- यू.पी.एस.सी. का अंतिम चरण साक्षात्कार है। साक्षात्कार के लिए निर्धारित अधिकतम अंक 275 हैं। यहाँ साक्षात्कारकर्ता अभ्यर्थी से सामाजिक मुद्दों से लेकर मानसिक मुद्दों तक के कई सवाल पूछते हैं। एक तरह से साक्षात्कारकर्ता आपकी निर्णय-शक्ति को पारखी नजरों से देखते हैं। ज्यादातर शुरुआती प्रश्न आपके बायोडाटा और विस्तृत आवेदन से ही पूछे जाते हैं। साक्षात्कार के दौरान सबसे महत्वपूर्ण बात ये है कि जो आप हैं वो बने रहें। 

यू.पी.एस.सी. का इंटरव्यू कौन-सी भाषा में होता है?

उम्मीदवार अपनी सुवधा अनुसार अंग्रेजी, हिंदी या किसी अन्य क्षेत्रीय भाषा का चयन कर सकते हैं। उम्मीदवारों पर सरकार की तरफ से कोई दबाव नहीं होता है। 

यू.पी.एस.सी. करने से क्या होता है?

जो अभ्यर्थी इस परीक्षा को उत्तीर्ण करते हैं, उन्हें रैंक के मुताबिक केंद्र और राज्य सरकार के तहत 24 सेवाओं में भर्ती होने का अवसर प्राप्त होता है। इस तरह आपकी पोस्टिंग सिविल सेवा अधिकारी या फिर अन्य उच्च पद पर होती है। साथ ही परिवार, देश और समाज में आपका नाम होता है, क्योंकि ये परीक्षा भारत देश में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी प्रसिद्ध और प्रशंसनीय बनी हुई है।  

यू.पी.एस.सी. के मुख्य पद और उनकी फुल फॉर्म

पदहिंदी फुल फॉर्म अंग्रेजी फुल फॉर्म
आई.ए.एस. (IAS)“भारतीय प्रशासनिक सेवा”“इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस” (Indian Administrative Service)
आई.पी.एस. (IPS)“भारतीय पुलिस सेवा”“इंडियन पुलिस  सर्विस” (Indian Police Service)
आई.एफ.एस. (IFS) “भारतीय विदेश सेवा” “इंडियन फॉरेन सर्विस” (Indian Foreign Service)
आई.आर.एस. (IRS)“भारतीय राजस्व सेवा”“इंडियन रेवेन्यू सर्विस” (Indian Revenue Service)

यू.पी.एस.सी. की तैयारी कैसे करें?

ये परीक्षा सबसे कठिन मानी जाने वाली परीक्षाओं में से एक है। इस बात को ध्यान में रखते हुए जो उम्मीदवार इस परीक्षा को उत्तीर्ण करने के सपने देखते हैं, उन्हें अपनी नीव यानी कि कक्षा 10वीं और 12वीं की पढ़ाईं करते समय ये ध्यान रखना चाहिए कि जो वो पढ़ रहे है, उसे इस तरह से पढ़े या याद रखें कि आने वाले समय में उन्हें इन विषयों पर ज़्यादा मेहनत न करनी पड़े। लेकिन जो लोग स्नातक के बाद या स्नातक के अंतिम वर्षों में या फिर 32 वर्ष से पहले यू.पी.एस.सी. परीक्षा उत्तीर्ण करने का विचार बनाते हैं, तो उन सभी में धैर्य के साथ पढ़ाई को पूरा करने कि क्षमता होनी चाहिए। इस दौरान आपको कुछ विशेष बातों का ध्यान रखना चाहिए- 

  • आपको परीक्षा की पूरी जानकारी होनी चाहिए।
  • उसके बाद सबसे पहले परीक्षा के सिलेबस को समझें।
  • फिर अध्ययन और सुव्यवस्थित ढंग से पढ़ाई करने के लिए सभी आवश्यक सामग्री को इकट्ठा करें।
  • एक समय-सारणी बनाएं और उसके मुताबिक एकाग्रता के साथ पढ़ाई करें।
  • पढ़ाई के साथ-साथ कुछ समय मनोरंजन के लिए भी निर्धारित करें। इस समय कुछ क्रिएटिव भी कर सकते है, ताकि आपके मस्तिष्क पर किसी तरह का दबाव न बने।
  • प्रत्येक दिन हिंदी और अंग्रेजी का अखबार जरूर पढ़ें।
  • पिछले तीन-चार साल पुराने प्रश्न-पत्र को खुद से हल करने कि कोशिश करें।
  • सबसे महत्वपूर्ण बात कोचिंग को लेकर है। ऐसा जरूरी नहीं है कि आप सक्षम नहीं है फिर भी कोचिंग लेकर ही पढ़ें। ऐसे में आप इंटरनेट, सोशल मीडिया का उपयोग कर सकते हैं और खुद की मेहनत से भी आप इस परीक्षा को उत्तीर्ण कर सकते हैं। क्योंकि कोचिंग के अध्यापक/अध्यापिका आपको सिर्फ रास्ता बता सकते हैं, तरीका बता सकते हैं, लेकिन मेहनत आपको खुद ही करनी है। 

यू.पी.एस.सी. की फीस

यूपीएससी एग्जाम के लिए उम्मीदवार ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। यू.पी.एस.सी. की प्रारंभिक परीक्षा के लिए आवेदन शुल्क सामान्य, ई.डब्ल्यू.एस. और ओ.बी.सी. श्रेणी के लिए 100/- रु. है। जबकि मुख्य परीक्षा के लिए आवेदन शुल्क 200/- रु. है। 

यू.पी.एस.सी. के बाद वेतन

इस परीक्षा को पूर्ण रूप से उत्तीर्ण करने के बाद जो वेतन और सुविधाएँ आपको मिलती हैं, वो दोनों ही ए-ग्रेड की होती हैं। जिसका सबसे ज़्यादा लाभ सबसे उच्च पद को प्राप्त करने वाले उम्मीदवार को होता है। यू.पी.एस.सी. परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद जो उम्मीदवार आई.ए.एस. (IAS) ऑफिसर बनते हैं, उनका मासिक वेतन 56,100/- रु. से 2,25,000/- रु. तक होता है। वहीं 7वें वेतन आयोग के मानदंडों के मुताबिक एक जिला कलेक्टर की शुरुआती आय 56,100/- रु. प्रति माह होती है। अगर अनुभव है तो यह वेतन 2,50,000/- रु. प्रति माह तक भी हो सकता है। 

FAQs

प्रश्न: यू.पी.एस.सी. परीक्षा का क्या अर्थ है?
उत्तर: संघ लोक सेवा आयोग (यू.पी.एस.सी.) भारत सरकार की प्रमुख सिविल सेवाओं के लिए परीक्षाओं का संचालन करता है। जिसे यू.पी.एस.सी. परीक्षा या आई.ए.एस. परीक्षा के नाम से भी जाना जाता है।

प्रश्न: हिंदी में यू.पी.एस.सी. का पूरा नाम क्या है?
उत्तर: हिंदी में यू.पी.एस.सी. का पूरा नाम “संघ लोक सेवा आयोग” है।

प्रश्न: यू.पी.एस.सी. की स्थापना कब और किसने की थी? 
उत्तर: यू.पी.एस.सी. की स्थापना 1 अक्टूबर 1926 को ‘रॉस बार्कर’ की अध्यक्षता में हुई थी।

प्रश्न: यू.पी.एस.सी. का इंटरव्यू हमें किस भाषा में देना चाहिए? 
उत्तर: आप अपनी सुविधा अनुसार अंग्रेजी, हिंदी या किसी अन्य क्षेत्रीय भाषा का चयन कर सकते हैं।

प्रश्न: यू.पी.एस.सी. करने से क्या होता है?
उत्तर: जो अभ्यर्थी इस परीक्षा को उत्तीर्ण करते हैं, उन्हें रैंक के मुताबिक केंद्र और राज्य सरकार के तहत 24 सेवाओं में भर्ती होने का अवसर प्राप्त होता है। इस तरह आपकी पोस्टिंग सिविल सेवा अधिकारी या फिर अन्य उच्च पद पर होती है।

प्रश्न: यू.पी.एस.सी. का फॉर्म भरने में कितना पैसा लगता है?
उत्तर: यू.पी.एस.सी. की प्रारंभिक परीक्षा के लिए आवेदन शुल्क सामान्य, ई.डब्ल्यू.एस और ओ.बी.सी श्रेणी के लिए 100/- रु. है। जबकि मुख्य परीक्षा के लिए आवेदन शुल्क 200/- रु. है। 

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